“लाल मिट्टी और बिना खाद से बर्बाद हुई फसलें, परेशान किसान पहुंचे जन मुक्ति मोर्चा के दरवाज़े”
दल्लीराजहरा।दल्लीराजहरा क्षेत्र के किसानों की परेशानी दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। खदान के नाम पर वर्षों पहले अधिग्रहित की गई भूमि का उपयोग अब किसानों के लिए अभिशाप बनता जा रहा है। जन मुक्ति मोर्चा के सचिव बसंत रावटे ने अनुविभागीय दंडाधिकारी को ज्ञापन सौंप कर अति शीघ्र किसानों की समस्या से निदान दिलाए जाने की मांग किया है अन्यथा उग्र आंदोलन किए जाने की बात कही है जिला और स्थानीय,प्रशासन से मांग की है कि खदान से निकली लाल धूल, फाइन मिट्टी और बिना खाद की वजह से इस क्षेत्र की लगभग आधी खेती योग्य भूमि पूरी तरह से बर्बाद हो गई है, जिससे किसानों की खड़ी फसलें चौपट हो रही हैं।
श्री रावटे ने कहा कि लगभग 70 वर्ष पूर्व इस्पात संयंत्र के लिए अधिग्रहित की गई भूमि को आज तक पुनः कृषि योग्य नहीं बनाया गया है। वहीं दूसरी ओर, खदान से उड़ने वाली लाल धूल और फाइन मिट्टी खेतों में जमकर उपजाऊ मिट्टी को नुकसान पहुँचा रही है। न केवल फसलें बर्बाद हो रही हैं, बल्कि इस धूल के कारण ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
जन मुक्ति मोर्चा ने प्रशासन के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखीं हैं: गौतमी कोरेटी सहित अन्य किसानों को हुए फसल नुकसान का मुआवजा शीघ्र दिया जाए।खेत में अब कोई उपज न हो सके, ऐसी स्थिति पर त्वरित सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।जिम्मेदार खनन व पर्यावरण अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
जन मुक्ति मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि पाँच दिनों के भीतर इन मांगों पर ठोस कार्यवाही नहीं की गई, तो किसान चक्काजाम और आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इस गंभीर मुद्दे को लेकर क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है और किसान न्याय की उम्मीद लगाए प्रशासन की ओर देख रहे हैं।
