पारदर्शी व्यवस्था से किसानों को राहत, अब तक 22 लाख क्विंटल से अधिक धान खरीदा गया
रायगढ़।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार रायगढ़ जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य पूरी तरह सुचारु और व्यवस्थित ढंग से जारी है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में जिले के सभी उपार्जन केंद्रों पर किसानों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए धान खरीदी की जा रही है, जिसका सीधा लाभ जिले के हजारों किसानों को मिल रहा है।
जिले में अब तक कुल 22,20,637.60 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है। इसके बदले किसानों को 50,029.60 लाख रुपये से अधिक की राशि का भुगतान किया जा चुका है। समयबद्ध भुगतान और सुव्यवस्थित टोकन प्रणाली के चलते किसान बिना किसी परेशानी के अपनी उपज बेच पा रहे हैं।
37 हजार से अधिक किसानों को मिला सीधा लाभ
अब तक जिले के 37,041 किसानों ने धान विक्रय किया है। इनमें
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13,682 सीमांत किसान,
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20,609 लघु किसान,
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2,750 दीर्घकालीन किसान शामिल हैं।
धान खरीदी को पारदर्शी बनाए रखने के लिए शासन के निर्देशानुसार रकबा समर्पण प्रक्रिया भी लागू की गई है। जिले के 21,688 कृषकों द्वारा अब तक 2,664.937 हेक्टेयर कृषि भूमि का रकबा समर्पित किया जा चुका है।
अवैध धान पर सख्त कार्रवाई
धान के अवैध परिवहन और भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। अब तक 161 प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए 50,293 क्विंटल अवैध धान जब्त किया जा चुका है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने साफ कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
प्रशासन की अपील और व्यवस्था
कलेक्टर ने किसानों से अपील की है कि वे केवल निर्धारित उपार्जन केंद्रों पर ही धान विक्रय करें और किसी भी प्रकार के अवैध परिवहन या भंडारण से बचें। उन्होंने बताया कि धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित की जा रही है, ताकि वास्तविक किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
जिला प्रशासन द्वारा हर उपार्जन केंद्र पर कर्मचारियों की तैनाती, टोकन वितरण, समयबद्ध भुगतान, और डिजिटल रिकॉर्डिंग व निगरानी की व्यवस्था की गई है। इससे न केवल किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिल रहा है, बल्कि अवैध गतिविधियों पर भी प्रभावी रोक लगाई जा रही है।
👉 कुल मिलाकर रायगढ़ जिले में धान खरीदी की व्यवस्था किसानों के हित में एक भरोसेमंद मॉडल बनकर सामने आ रही है, जहां पारदर्शिता, सुविधा और सख्ती—तीनों का संतुलन साफ दिखाई दे रहा है।
Author: Deepak Mittal










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