रत्नावली कौशल ने मंत्री देवांगन से मुंगेली जिले में उद्योग,व्यवसाय को बढ़ावा देने की रखी मांग

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स्वरोजगार योजनाओं का लाभ देने में बरती जा रही कोताही की दी जानकारी

निर्मल अग्रवाल ब्यूरो प्रमुख मुंगेली

मुंगेली- भाजपा नेत्री एवं अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण छत्तीसगढ़ शासन की पूर्व सदस्य रत्नावली कौशल ने छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री तथा मुंगेली जिले के प्रभारी मंत्री लखन लाल देवांगन से उनके निवास में भेंटकर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। इससे पहले सुश्री कौशल ने मंत्री देवांगन को भाजपाई गमछा पहनाकर कर उनका अभिनंदन किया।


भाजपा नेत्री रत्नावली कौशल मुंगेली जिले के हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री,मंत्रियों और शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात कर उनके समक्ष जनहित की मांगें रखती रही हैं। इसी क्रम में उन्होंने वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री तथा मुंगेली जिले के प्रभारी मंत्री लखन लाल देवांगन से मुलाकात की। सुश्री कौशल ने मंत्री श्री देवांगन से मुंगेली जिले से जुड़े कई अहम मसलों पर विस्तृत चर्चा की।

उन्होंने जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र से जरूरतमंद हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ लेने में हो रही कठिनाइयों से अवगत कराया तथा बताया कि केंद्र के अधिकारी एवं कर्मचारी तरह तरह के दांव पेंच सामने रखकर बेरोजगार युवाओं को केंद्र एवं छत्तीसगढ़ शासन की योजनाओं का लाभ लेने से वंचित कर रहे हैं। इससे शासन के प्रति गलत संदेश जा रहा है। रत्नावली कौशल ने अपने समक्ष कई युवाओं द्वारा की गई शिकायत का हवाला भी विभागीय मंत्री लखनलाल देवांगन को दिया।

इसके अलावा रत्नावली कौशल ने विभिन्न विभागों द्वारा रोजगारपरक योजनाओं के प्रकरण स्वीकृत न किए जाने की भी शिकायत की। बताया कि ज्यादातर आदिम जाति कल्याण विभाग की शिकायतें सामने आ रही हैं। मुंगेली जिले में निवासरत सतनामी समुदाय के बेरोजगार युवाओं के प्रकरण तकनीकी खामियां बताकर रोक दिए जाते हैं,आवेदकों को यह भी नहीं समझाया जाता कि इन तथाकथित खामियों को कैसे दूर किया जा सकता है। इसके चलते युवा निराशा के गर्त में जा रहे हैं।

रत्नावली कौशल ने ऎसी प्रवृत्ति वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एक्शन लेने का आग्रह मंत्री लखन लाल देवांगन से किया। उन्होंने कई वंचित हितग्राहियों और मनमानी करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों की सूची भी सौंपी है। इसके साथ ही रत्नावली कौशल ने मुंगेली जिले में लघु एवं मध्यम उद्योगों और कुटीर उद्योगों की स्थापना की भी मांग रखी।

उन्होंने बताया कि स्व सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को प्रशिक्षण दिलाकर मसाले, अगरबत्ती, मोमबत्ती, घरेलू सजावट की सामग्री, चूड़ियां, गारमेंट, बटेर पालन, मुर्गा मुर्गी पालन, मत्स्य पालन, फूड प्रोडक्ट, मिल्क प्रोडक्ट आदि उद्योग व्यवसाय के लिए प्रोत्साहित किए जाने की जरूरत है। रत्नावली कौशल ने कहा कि मुंगेली जिले की ज्यादातर महिलाएं गृहिणी और कृषि मजदूरी करती हैं।

कृषि मजदूरी के समय के बाद शेष पूरे समय वे घरों में बेरोजगार बैठी रहती हैं। इन महिलाओं की प्रतिभा के अनुरूप उन्हें उद्योग व्यवसाय से जोड़ा जाता है, तो वे विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में बड़ा योगदान तो देंगी ही, अपने घर परिवार के संचालन में भी बेहतर ढंग से योगदान दे सकेंगी।

ये महिलाएं आत्मनिर्भर भारत के लिए अच्छा उदाहरण भी पेश कर सकेंगी। मंत्री लखन लाल देवांगन ने रत्नावली कौशल की मांग व सुझावों को दिल से सराहा और महिला समूहों को हर संभव सहयता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। इसके अलावा मंत्री ने रोजगार परक सरकारी योजनाओं की राह में रोड़े अटकाने वाले अधिकारीयों को सबक सिखाने की बात भी कही।

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