रतलाम पुलिस द्वारा डायल 112 का किया शुभारम्‍भ

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सुरक्षा, सुशासन और गतिशीलता का समन्‍वय के तहत वाहनों का फ्लेग ऑफ कार्यक्रम आयोजित

रतलाम से इमरान खान की रिपोर्ट

रतलाम अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक उज्‍जैन जोन उमेश जोगा तथा उप पुलिस महानिरिक्षक रतलाम रेंज मनोज कुमार सिंह एवं पुलिस अधीक्षक रतलाम अमित कुमार द्वारा पुलिस कन्‍ट्रोल रूम से सभी नए 21 वाहनों (डायल 112)को हरी झण्डी दिखाकर पंक्तिबद्ध रवाना किया गया। सभी वाहन फील्ड में क्षेत्र अनुसार निर्धारित नोडल प्वाइंट पर ड्यूटी में तत्पर रहेंगे।
नागरिकों की सुरक्षा एवं त्वरित पुलिस सहायता सुनिश्चित करने हेतु मध्य प्रदेश शासन एवं पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा जिले को कुल 21 नवीन एफआरवी (डायल–112) वाहन प्राप्त हुए हैं। पूर्व से संचालित आकस्मिक पुलिस सेवा का आधुनिक समय के अनुसार आधुनिकीकरण हुआ है। डायल-112 राष्ट्रीय आपातकालीन सेवा है, जिसमें पुलिस, फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस, आपदा प्रबंधन, सायबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा, रेल्‍वे हेल्‍पलाईन और अन्य आपातकालीन एजेंसियाँ एकीकृत रूप से शामिल हैं। इससे आपात परिस्थितियों में सहायता और प्रतिक्रिया अधिक त्वरित, समन्वित और प्रभावी होगी।
अब इन नए वाहनों के जुड़ने से जिले में पुलिस के रिस्‍पांस टाईम में सुधार होगा तथा सड़क दुर्घटनाओं, अपराध की सूचनाओं, आगजनी, महिला सुरक्षा संबंधी घटनाओं एवं अन्य आकस्मिक परिस्थितियों में नागरिको को त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध हो सकेगी।

पुलिस अधीक्षक रतलाम द्वारा वाहनों में उपलब्ध सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया, तकनीकी, मैकेनिकल उपकरण, एवं उपलब्ध टूल्स, स्ट्रेचर, रस्सी, कटर, अग्निशमन, प्राथमिक उपचार किट इत्यादि भी चेक किए गए। नवीन वाहनों में दुर्घटना ग्रसित/ घायल/ पीड़ित की सुविधा अनुसार फोल्डिंग स्ट्रेचर की एवं सीट फोल्ड कर आराम से बेड की तरह व्यवस्था है, उपचार हेतु ले जाते समय घायल को परेशानी ना हो। प्रत्येक वाहनों के प्रशिक्षित पायलटों को भी आवश्यक निर्देश दिए गए।

डायल 112 सेवा की मुख्य विशेषताएं

एकीकृत सेवा:
अब आपको पुलिस, स्वास्थ्य (एम्बुलेंस), अग्निशमन (फायर ब्रिगेड), महिला हेल्पलाइन, और अन्य आपातकालीन सेवाओं के लिए अलग-अलग नंबर याद नहीं रखने होंगे, क्योंकि सभी का नंबर 112 होगा।
आधुनिक तकनीक:
यह सेवा जीपीएस, लाइव लोकेशन ट्रैकिंग, और आधुनिक डिस्पैच सॉफ्टवेयर जैसी तकनीकों से लैस है, जिससे सहायता तुरंत और सटीक रूप से पहुंचाई जा सके।

बेहतर रिस्पांस:
यह सेवा डायल 100 का एक अपग्रेडेड रूप है, जो शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में त्वरित और कुशल सहायता प्रदान करती है।
हाई-टेक वाहन:
जिला रतलाम में कुल 21 नई एफआरवी वाहन तैनात किये गए है जिसमें शहरी थानों के लिए 06 स्‍कार्पियो-N एवं ग्रामीण थानों के लिए 15 बोलेरो न्यू गाड़ियां तैनात की गई है, जो जीपीएस और अन्य तकनीकों से लैस हैं।

सुरक्षा और दक्षता:

नई तकनीकों और बॉडी माउंट कैमरों से लैस पुलिसकर्मियों की मदद से कंट्रोल सेंटर को सीधा लाइव आउटपुट मिलता है, जिससे नागरिक-सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा। अपराधियों पर नज़र रखने एवं गिरफ्तारी में सहयोगी। डैशबोर्ड कैमरा सहित इत्यादि सुविधाओं से लैस है।

इन सुविधाओं से ना केवल पुलिस की क्षमता बढेगी बल्कि आकस्मिक परिस्थितियों में आमजन के लिए पुलिस का रिस्‍पांस टाईम भी कम होगा।

इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश खाखा, सीएसपी रतलाम सत्‍येंद्र घनघोरिया, एसडीओपी रतलाम ग्रामीण किशोर पाटनवाला, सीएसपी जावरा युवराज सिहं चौहान, एसडीओपी जावरा ग्रामीण संदीप मालवीय, एसडीओपी आलोट पल्‍लवी गौर, एसडीओपी सैलाना नीलम बघेल, डीएसपी महिला प्रकोष्ठ अजय सारवान रक्षित निरीक्षक मोहन भर्रावत, रेडियो निरीक्षक प्रभाकर पाराशर, प्रभारी सीसीटीवी श्री राजा तिवारी तथा जिले के समस्‍त थाना प्रभारी अधिकारी एवं मीडिया बंधु उपस्थित रहे।

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Author: Deepak Mittal

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