रेल मंत्री ने चार गति शक्ति कार्गो टर्मिनल देश को समर्पित किए और लिंच जीसीटी की आधारशिला रखी

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नए जीसीटी से कार्गो की तेज़ी से आवाजाही में मदद मिलेगी, रसद लागत कम होगी और क्षेत्रीय कारोबार राष्ट्रीय बाज़ारों से जुड़ सकेंगे

केंद्रीय मंत्री ने शिवलाखा जीसीटी से मीठापुर के लिए नमक लदी मालगाड़ी को भी हरी झंडी दिखाई

हल्के वज़न वाले स्टेनलेस स्टील के नमक कंटेनर से नमक की लोडिंग, अनलोडिंग और ट्रांसपोर्टेशन आसान होगा

रेल मंत्री  अश्विनी वैष्णव ने आज गुजरात में पांच गति शक्ति कार्गो टर्मिनलों (जीसीटी) का उद्घाटन किया, उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया और उनकी आधारशिला रखी। इससे राज्य की माल ढुलाई क्षमता मजबूत होगी और देश भर के क्षेत्रीय आर्थिक केंद्रों, बंदरगाहों और बाजारों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

श्री वैष्णव ने शिवलाखा जीसीटी से मीठापुर के लिए नमक से लदी मालगाड़ी को भी हरी झंडी दिखाई। यह गुजरात से नमक को उसकी मंजिल तक पहुंचाने के लिए रेल के इस्तेमाल को बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है।

इन पांच जीसीटी में से कच्छ में शिवलाखा और भीमसार, मोरबी में देवलिया और बनासकांठा में चंदिसर स्थित जीसीटी को राष्ट्र को समर्पित किया गया। मेहसाणा के लिंच में जीसीटी की आधारशिला रखी गई।

ये टर्मिनल माल ढुलाई के लिए रेल क्षमता बढ़ाने, बंदरगाहों पर भीड़ और रुकावटों को कम करने और गुजरात के बंदरगाहों तथा उत्तरी अंदरूनी इलाकों के बीच माल ढुलाई संपर्क को मजबूत करने में मदद करेंगे। स्थानीय आर्थिक केंद्रों को बड़े राष्ट्रीय बाजारों और बंदरगाहों से जोड़कर, ये जीसीटी इस क्षेत्र में बढ़ती औद्योगिक, व्यापारिक और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देंगे।

नमक के परिवहन के महत्व पर ज़ोर देते हुए, श्री वैष्णव ने कहा कि नमक एक ज़रूरी सामग्री है, जिसका इस्तेमाल गरीब और मध्यम-वर्गीय परिवारों समेत हर घर में होता है। उन्होंने कहा कि गुजरात, खासकर कच्छ, नमक का एक बड़ा उत्पादक इलाका है और देश के अलग-अलग हिस्सों में नमक पहुँचाने में पारंपरिक रूप से कई चुनौतियाँ आती रही हैं।

श्री वैष्णव ने बताया कि जब पारंपरिक रेलवे वैगनों के ज़रिए नमक का परिवहन किया जाता था, तो वैगन की कुल क्षमता का एक बड़ा हिस्सा खुद वैगन के वज़न में ही चला जाता था। इसके अलावा, नमक नमी सोख लेता है, जिससे ट्रांसपोर्टेशन के दौरान माल गीला हो जाता था। इससे लोडिंग और अनलोडिंग में भी दिक्कतें आती थीं। उन्होंने बताया कि नया हल्के वज़न वाला स्टेनलेस स्टील सॉल्ट कंटेनर खास तौर पर इन चुनौतियों से निपटने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस कंटेनर में ऊपर से लोडिंग और साइड से अनलोडिंग की सुविधा है। उन्होंने कहा कि नए कंटेनरों से देश के अलग-अलग हिस्सों में नमक पहुँचाना आसान हो जाएगा और साथ ही लोडिंग-अनलोडिंग की प्रक्रिया भी आसान और ज़्यादा बेहतर हो जाएगी।

श्री वैष्णव ने कहा कि अब पूरे देश में 150 गति शक्ति कार्गो टर्मिनल शुरू हो चुके हैं, जिनसे उद्योगों को फायदा हो रहा है और माल ढुलाई की कनेक्टिविटी बेहतर हो रही है।

कच्छ में रेलवे से जुड़े ढ़ांचे के बारे में बात करते हुए, श्री वैष्णव ने कहा कि कच्छ इलाके में अभी लगभग ₹5,600 करोड़ की रेलवे परियोजनाओं पर काम चल रहा है। उन्होंने समाखियाली, भचाऊ, गांधीधाम, आदिपुर और भुज को जोड़ने वाले अहम हिस्सों पर क्षमता बढ़ाने और डबलिंग के कामों का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि भुज-नलिया गेज कन्वर्ज़न परियोजना ने इस इलाके में रेल संपर्क को मज़बूत किया है। उन्होंने यह भी बताया कि नलिया-जखाऊ पोर्ट में नई ब्रॉड-गेज लाइन को भी मंज़ूरी मिल गई है, जिससे इलाके में संपर्क और बेहतर होगा।

कांडला-गांधीधाम औद्योगिक इलाके में रेलवे से जुड़े ढ़ांचागत विकास के बारे में बात करते हुए, श्री वैष्णव ने कहा कि क्षमता बढ़ाने के कामों के ज़रिए रेल संपर्क को मज़बूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि समखियाली-भचाऊ सेक्शन को पहले ही चार-लाइन वाला बना दिया गया है। गांधीधाम-आदिपुर सेक्शन को भी चार-लाइन वाला बना दिया गया है, जबकि आदिपुर-भुज सिंगल-लाइन सेक्शन को डबल-लाइन में बदला जा रहा है।

रेल मंत्री ने आगे कहा कि भुज-नलिया सेक्शन को हाल ही में मीटर गेज से ब्रॉड गेज में बदला गया है। श्री वैष्णव ने कहा कि नलिया से जखौ पोर्ट, वायोर, लूना, हाजीपुर और देसलपार तक के रेलवे नेटवर्क को भी और विकसित किया जा रहा है।

श्री वैष्णव ने कहा कि रेलवे नेटवर्क के विस्तार से कच्छ इलाके को, खासकर रक्षा क्षेत्र और उद्योग जगत की ज़रूरतों के लिए, बहुत फायदा होगा। इससे इस चुनौतीपूर्ण इलाके में रहने वाले लोगों को भी लाभ होगा। ये सभी पहल गुजरात में माल ढुलाई और यात्री इंफ्रास्ट्रक्चर दोनों को मज़बूत करेंगी, रेल सेवाओं और कार्गो सुविधाओं तक पहुंच बेहतर बनाएंगी और उद्योग, व्यापार और स्थानीय समुदायों के लिए बेहतर रेल संपर्क से फायदा उठाने के ज़्यादा मौके पैदा करेंगी।

समर्पित माल ढुलाई गलियारे के बारे में बात करते हुए, श्री वैष्णव ने कहा कि हाल ही में शुरू किए गए ढ़ांचागत विकास से माल ढुलाई में काफ़ी फायदा होगा, क्योंकि इससे सामान की आवाजाही तेज़ी से और बेहतर ढंग से हो सकेगी। उन्होंने यह भी बताया कि ईस्ट-वेस्ट फ्रेट कनेक्टिविटी को बढ़ाने का काम भी चल रहा है।

मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट के बारे में श्री वैष्णव ने कहा कि वापी-सूरत सेक्शन का निर्माण दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि इसके बाद परीक्षण और उससे जुड़े दूसरे काम किए जाएंगे। श्री वैष्णव ने बताया कि भारत की अपनी हाई-स्पीड ट्रेन का पहला कोच तैयार हो चुका है और उस पर कई तरह के परीक्षण किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह ट्रेन देश की आत्मनिर्भर भारत की कोशिशों और हाई-स्पीड रेल तकनीक में ज़्यादा से ज़्यादा स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने के तहत विकसित की जा रही है।

इस कार्यक्रम में गुजरात सरकार के माननीय राज्य मंत्री श्री त्रिकमभाई छंगा, माननीय सांसद श्री विनोदभाई चावड़ा, माननीय सांसद श्री हरिभाई पटेल, माननीय सांसद श्री राजूभाई शुक्ला, माननीय सांसद श्री चंदूभाई सिहोरा के साथ-साथ अन्य अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति भी शामिल हुए।

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Author: Deepak Mittal

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