विरोध पड़ा भारी: मीडिया पर बैन वाला तुगलकी आदेश रद्द, सीएम साय ने जताई नाराजगी, चिकित्सा शिक्षा विभाग ने लिया यू-टर्न

Picture of Deepak Mittal

Deepak Mittal

रायपुर। सरकारी अस्पतालों में मीडिया कवरेज पर प्रतिबंध लगाने वाले विवादित आदेश को आखिरकार सरकार ने स्थगित कर दिया है। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इस संबंध में नया आदेश जारी करते हुए पुराने आदेश को निरस्त करने की घोषणा की है।

यह फैसला तब आया जब प्रदेशभर में पत्रकार संगठनों और मीडिया कर्मियों ने इसे लोकतंत्र विरोधी बताते हुए सड़क पर उतरकर विरोध किया। रायपुर समेत कई जिलों में आदेश की प्रतियां जलाकर प्रदर्शन किया गया और चेतावनी दी गई कि अगर आदेश वापस नहीं हुआ तो पूरे प्रदेश में आंदोलन होगा।

मुख्यमंत्री साय की नाराजगी बनी निर्णायक मोड़

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस आदेश पर कड़ी आपत्ति जताते हुए स्वास्थ्य विभाग को स्पष्ट शब्दों में कहा था कि मीडिया पर रोक लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और इसकी कोई जगह नहीं हो सकती।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद ही चिकित्सा शिक्षा विभाग हरकत में आया और आनन-फानन में आदेश को स्थगित करने का नोटिफिकेशन जारी किया गया।

क्या था तुगलकी फरमान?

स्वास्थ्य विभाग के पहले जारी आदेश में प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में मीडिया कवरेज को लेकर कई स्तर की पाबंदियां लगाई गई थीं। न वीडियो शूटिंग, न रिपोर्टिंग, न मरीजों से बातचीत — ऐसा आदेश बिना किसी पूर्व सूचना के लागू किया गया, जिसे पत्रकारों ने “अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला” बताया।

पत्रकारों ने कहा – यह जीत जनता की है

प्रेस क्लब और पत्रकार संगठनों ने आदेश रद्द होने पर राहत जताते हुए कहा कि यह केवल मीडिया की नहीं, आम जनता की जीत है।

“अगर अस्पतालों में पत्रकार न होंगे, तो मरीजों की बदहाली कौन दिखाएगा? यह आदेश जनहित के खिलाफ था,” एक वरिष्ठ पत्रकार ने कहा।

Deepak Mittal
Author: Deepak Mittal

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

October 2026
S M T W T F S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *