रायपुर: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर के बाद देश के विभिन्न हिस्सों में प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भी विरोध-प्रदर्शन और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
राजधानी के मोमिनपारा क्षेत्र में शिया समुदाय के लोगों ने एकत्र होकर खामेनेई को श्रद्धांजलि दी और अमेरिका-इजरायल द्वारा कथित हमले की कड़ी निंदा की। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य मार्ग पर शांतिपूर्वक मार्च निकाला। इस दौरान अमेरिका और इजरायल के झंडों को सड़क पर चिपकाकर प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया गया।
प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ भी नाराजगी जाहिर की।
सभा में मौजूद लोगों ने कहा कि किसी भी देश के सर्वोच्च धार्मिक और राजनीतिक नेता पर हमला वैश्विक शांति और अंतरराष्ट्रीय कानून के विरुद्ध है। प्रदर्शनकारियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मुद्दे पर स्पष्ट और सक्रिय रुख अपनाने की अपील की। एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि वे श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ-साथ शांति का संदेश देने आए हैं और हिंसा से स्थायी समाधान संभव नहीं है।
मोमिनपारा में दुकानों और राहगीरों की मौजूदगी के बीच यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार की अव्यवस्था या हिंसा फैलाना नहीं, बल्कि अपने विचार शांतिपूर्वक रखना है।
स्थानीय पुलिस प्रशासन के अनुसार क्षेत्र में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई थी और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए निगरानी बढ़ाई गई थी। अधिकारियों ने बताया कि पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ईरान के घटनाक्रम का प्रभाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देखा जा रहा है और रायपुर की प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि वैश्विक घटनाओं का असर स्थानीय स्तर तक पहुंच रहा है। वहीं, शहर के शांति और सद्भावना समूहों ने भी सभी समुदायों से कानून के दायरे में रहकर अपनी बात रखने और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।
Author: Deepak Mittal









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