रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में राज्य के विभिन्न जिलों में चल रहे और प्रस्तावित विकास, पेयजल एवं सिंचाई परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
रायपुर से जशपुर तक कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर हुई चर्चा
बैठक में सबसे पहले रायपुर जिले के जी.ई. रोड पर गुरु तेज बहादुर उद्यान से नेताजी सुभाष चौक (गुरुनानक चौक) तक फ्लाईओवर निर्माण कार्य के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। इसके अलावा राजनांदगांव जिले में मोहरा एनीकट में पेयजल आपूर्ति हेतु चौकी एनीकट से मोहरा एनीकट तक पाइपलाइन बिछाने की योजना पर भी विचार हुआ।
जशपुर जिले में पत्थलगांव के बगिया बैराज सह दाबयुक्त उद्वहन सिंचाई योजना के प्रस्ताव पर भी समिति ने चर्चा की। इसी तरह हसदेव बांगो परियोजना के अंतर्गत परसाही दाबयुक्त उद्वहन सिंचाई योजना और मड़वारानी बैराज निर्माण सह उद्वहन सिंचाई योजना के प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
आरंग, गरियाबंद और बिलासपुर की परियोजनाओं को भी मिली प्राथमिकता
बैठक में रायपुर जिले के आरंग विकासखण्ड में मोहमेला सिरपुर बैराज और चपरीद एनीकट निर्माण कार्य के प्रस्तावों पर चर्चा की गई।
वहीं, गरियाबंद जिले की पैरी परियोजना के तहत सिकासार जलाशय से कोडार जलाशय तक लिंक नहर पाइपलाइन निर्माण कार्य के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया।
इसके अतिरिक्त बिलासपुर जिले के खारंग जलाशय योजना की बाईं तट नहर के आवर्धन हेतु पाराघाट व्यपवर्तन योजना से उद्वहन फीडर सिंचाई कार्य सहित अन्य तकनीकी प्रस्तावों पर भी चर्चा कर उन्हें अनुमोदित किया गया।
विकास योजनाओं को गति देने पर जोर
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य की इन परियोजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई, पेयजल और बुनियादी ढांचे के विकास को सुदृढ़ करना है। समिति ने सभी प्रस्तावों पर तकनीकी और आर्थिक दृष्टि से विचार करते हुए कई योजनाओं को स्वीकृति दी, जिससे प्रदेश में तेज रफ्तार विकास कार्यों को गति मिल सकेगी।
Author: Deepak Mittal









