
(जे के मिश्र) : बिलासपुर: छत्तीसगढ़ में लंबे समय से कार्य से अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की बीजेपी सरकार ने ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने का फैसला लिया है.
जो बिना किसी वैध कारण के बार-बार छुट्टी पर रहते हैं। इसके लिए राज्य सरकार ने संबंधित विभागों से ऐसे कर्मचारियों का पूरा रिकॉर्ड जुटाना शुरू कर दिया है।
कलेक्टर ने तीन दिन के भीतर मांगी अनुपस्थित कर्मचारियों की सूची
राज्य सरकार के निर्देश पर, कलेक्टर दीपक सोनी ने सभी विभागों से कहा है कि वे तीन दिन के भीतर उन अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची प्रस्तुत करें, जो लंबे समय से कार्य से अनुपस्थित हैं।
इसके लिए विशेष रूप से रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं ताकि सभी जानकारी एकत्र कर राज्य सरकार को सौंपी जा सके।
सेवा समाप्ति की प्रक्रिया में तेजी
सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि ऐसे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की जाएंगी जो अपने कर्तव्यों का पालन नहीं कर रहे हैं और लगातार अनुपस्थित रह रहे हैं। यह कार्रवाई राज्य के सभी विभागों में लागू की जाएगी, और रिकॉर्ड की जांच के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
कार्य न करने वालों पर गिरेगी गाज
यह निर्णय सरकार की उस नीति का हिस्सा है, जिसके तहत सरकारी सेवा में अनुशासन और कार्यकुशलता को बढ़ावा दिया जाना है।
राज्य सरकार का मानना है कि सरकारी सेवा में आने के बाद जिम्मेदारियों से बचने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई करना जरूरी है, ताकि सरकारी कामकाज में सुधार हो सके और जनता को बेहतर सेवाएं मिल सकें।
राज्य में इस तरह की कार्रवाई से सरकारी विभागों में अनुशासन कायम करने की कोशिश की जा रही है, ताकि हर अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाए। अब देखना यह है कि इस कड़े कदम के बाद सरकारी कर्मचारियों के कार्य के प्रति दृष्टिकोण में कितना बदलाव आता है।
Author: Deepak Mittal









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