मनेन्द्रगढ़।
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के मनेन्द्रगढ़ जनकपुर क्षेत्र से वन्यजीव तस्करी का एक गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम गिरवानी निवासी रामनरेश उर्फ लटकू के घर से तेंदुए की खाल, नाखून और अन्य अंग बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई वनमंडल मनेन्द्रगढ़ के कुवारपुर और जनकपुर वनपरिक्षेत्र की संयुक्त टीम द्वारा की गई, जो गुप्त सूचना पर आधारित थी।
गुप्त सूचना पर गिरी गाज
वन विभाग को मुखबिर से सूचना मिली थी कि गिरवानी गांव में एक व्यक्ति वन्यजीव अंगों की अवैध रूप से तस्करी में संलिप्त है। तत्काल हरकत में आई संयुक्त टीम ने रामनरेश उर्फ लटकू, पिता रामदास, जाति वासुदेवा के घर पर छापा मारा। मौके से तेंदुए की खाल, नुकीले नाखून और अन्य जैविक अवशेष बरामद हुए, जिन्हें फॉरेंसिक परीक्षण के लिए भेजा गया है।
वन विभाग का सख्त रुख
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है और इसमें कड़ी सजा का प्रावधान है। अधिकारियों ने कहा कि इस छापे का उद्देश्य क्षेत्र में वन्यजीव अपराधियों को चेतावनी देना और वन्यजीव सुरक्षा के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को लागू करना है।
पहले भी रहे हैं संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त
सूत्रों के अनुसार, रामनरेश उर्फ लटकू पर पहले भी अवैध शिकार के आरोप लग चुके हैं। हालांकि, इन मामलों की पुष्टि अभी वन विभाग की आंतरिक जांच रिपोर्ट पर निर्भर है। वर्तमान कार्रवाई में विभागीय टीम अन्य संलिप्त लोगों की पहचान और संभव नेटवर्क के भंडाफोड़ की दिशा में काम कर रही है।
वन विभाग की अपील: नागरिक सतर्क रहें
वन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि अवैध शिकार या वन्यजीव तस्करी से संबंधित किसी भी सूचना को तत्काल नजदीकी वन कार्यालय या हेल्पलाइन पर साझा करें। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि वन्यजीव अपराध न केवल कानूनी रूप से दंडनीय हैं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन के लिए भी अत्यंत हानिकारक हैं।
Author: Deepak Mittal









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