नाज़िरा: असम की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। नाज़िरा से जुड़े राजनीतिक परिवार के सदस्य पलाश पवन सैकिया ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) से इस्तीफा दे दिया है और पुनः इंडियन नेशनल कांग्रेस का दामन थाम लिया है।
पलाश पवन सैकिया, असम विधानसभा में विपक्ष के नेता और नाज़िरा के विधायक देबब्रत सैकिया के बड़े भाई हैं। वे स्वर्गीय टोंकेश्वर सैकिया के पुत्र हैं और उनका परिवार लंबे समय से कांग्रेस से जुड़ा रहा है। नाज़िरा विधानसभा सीट पारंपरिक रूप से कांग्रेस का गढ़ मानी जाती है और यह सीट पूर्व मुख्यमंत्री हितेश्वर सैकिया के परिवार से भी जुड़ी रही है।
गौरतलब है कि पलाश पवन सैकिया ने पहले कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में सिमालुगुरी टाउन कमेटी का चुनाव लड़ा था और चेयरमैन चुने गए थे। हालांकि बाद में कांग्रेस नेतृत्व से नाराज़गी के चलते वे तत्कालीन मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल की मौजूदगी में BJP में शामिल हो गए थे। इसके बाद वे कई वर्षों तक पार्टी कार्यकर्ता के रूप में सक्रिय रहे।
मंगलवार शाम को पलाश पवन सैकिया ने अपने भाई देबब्रत सैकिया की उपस्थिति में अपने आवास पर औपचारिक रूप से कांग्रेस में वापसी की घोषणा की। BJP छोड़ने के फैसले पर उन्होंने कहा कि कुछ समय तक सक्रिय राजनीति से दूर रहने के बाद उन्होंने कांग्रेस में लौटने का निर्णय लिया।
वहीं, BJP नेता और नाज़िरा से संभावित उम्मीदवार मयूर बोरगोहेन ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सैकिया के जाने से पार्टी को कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने कहा, “पलाश पवन सैकिया के जाने से BJP को कोई नुकसान नहीं होगा, बल्कि इससे पार्टी और मजबूत होगी। पार्टी के अंदर कई ऐसे लोग हैं जो इसे भीतर से नुकसान पहुंचा रहे हैं।”
नाज़िरा में इस घटनाक्रम के बाद आगामी राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
Author: Deepak Mittal









