चंडीगढ़: सोशल मीडिया पर बढ़ती अवैध, भ्रामक और आपत्तिजनक गतिविधियों के खिलाफ हरियाणा पुलिस ने बड़ा डिजिटल अभियान छेड़ दिया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सहयोग से चलाए जा रहे इस अभियान के तहत अब तक 1,018 आपत्तिजनक लिंक और प्रोफाइल की पहचान कर रिपोर्ट की जा चुकी है, जिनमें से 583 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाया या ब्लॉक किया जा चुका है। शेष 435 लिंक और प्रोफाइल समीक्षा के विभिन्न चरणों में हैं और जल्द ही हटाए जाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
हरियाणा पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर राष्ट्र-विरोधी, धर्म-विरोधी, भड़काऊ और भ्रामक कंटेंट लगातार सामने आ रहा था, जिससे सामाजिक सौहार्द और सार्वजनिक शांति को खतरा पैदा हो रहा था। इसी को देखते हुए साइबर हरियाणा टीम ने करीब एक महीने पहले सोशल मीडिया की सतत निगरानी शुरू की, जो अब भी जारी है।
आईटी एक्ट के तहत त्वरित कार्रवाई
अभियान के दौरान साइबर टीम रोजाना ऐसे पोस्ट, वीडियो, लिंक और प्रोफाइल की पहचान कर रही है, जिनमें गलत जानकारी, नफरत फैलाने वाली भाषा या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाली सामग्री शामिल है। ऐसे मामलों में आईटी एक्ट की धारा 79(3)(बी) के तहत संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को नोटिस जारी कर तत्काल कंटेंट हटाने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
फर्जी निवेश और ट्रेडिंग ऐप्स पर भी शिकंजा
हरियाणा के डीजीपी अजय सिंघल ने बताया कि डिजिटल धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को देखते हुए 12 जनवरी से एक विशेष अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत संदिग्ध निवेश और ट्रेडिंग ऐप्स व चैनलों की पहचान की जा रही है। अब तक 28 ऐसे ऐप्स और चैनल चिन्हित किए गए हैं, जिनमें से 14 को डिजिटल प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया है, जबकि शेष 14 हटाने की प्रक्रिया में हैं।
डीजीपी ने कहा कि यह पहल नागरिकों की डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है और इससे ऑनलाइन ठगी पर प्रभावी रोक लगेगी। आने वाले समय में ऐसे फर्जी ऐप्स और चैनलों के खिलाफ और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर सख्ती, नागरिकों से सतर्क रहने की अपील
डीजीपी अजय सिंघल ने साफ किया कि सोशल मीडिया पर झूठी, भड़काऊ या गुमराह करने वाली जानकारी फैलाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि एक गलत पोस्ट भी समाज में तनाव और अशांति फैला सकती है। साइबर हरियाणा की टीमें पूरी तरह अलर्ट हैं और संवेदनशील मामलों में तुरंत कार्रवाई कर रही हैं।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें, निवेश से पहले किसी भी ऐप या प्लेटफॉर्म की अच्छी तरह जांच करें और बिना सत्यापन के कोई भी कंटेंट साझा न करें। किसी भी संदिग्ध पोस्ट, लिंक या ऐप की सूचना तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर दें।
साइबर हेल्पलाइन 1930 पर करें शिकायत
एडीजीपी साइबर शिबाश कबीराज ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य एक सुरक्षित, जागरूक और भरोसेमंद डिजिटल माहौल बनाना है। उन्होंने लोगों से जिम्मेदारी से सोशल मीडिया उपयोग करने और संदिग्ध या भ्रामक कंटेंट को फॉरवर्ड न करने की अपील की।
डीजीपी ने दोहराया कि साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में पीड़ित तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या साइबर क्राइम की आधिकारिक वेबसाइट पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई कर नुकसान को रोका जा सके।
Author: Deepak Mittal








