PM Modi Somnath Visit: 11 जनवरी को सोमनाथ जाएंगे पीएम मोदी, बोले— ‘विदेशी आक्रमणकारियों की राख पर खड़ा है भारत का स्वाभिमान’

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गुजरात: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 जनवरी को गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर का दौरा करेंगे। इस अवसर पर आयोजित ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के तहत 8 से 11 जनवरी तक कई आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अधिकारियों के मुताबिक यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि भारत की सभ्यतागत चेतना और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक होगा।

‘विदेशी आक्रमणकारियों के हमलों के बाद भी अडिग रहा सोमनाथ’

प्रधानमंत्री मोदी ने सोमनाथ मंदिर को भारतीय सभ्यता की अदम्य भावना का सबसे बड़ा प्रतीक बताया है।
सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले आक्रमण के 1000 वर्ष पूरे होने के अवसर पर लिखे गए एक ब्लॉग में पीएम मोदी ने कहा—

“हमारी सभ्यता की अदम्य भावना का सोमनाथ से बेहतर उदाहरण कोई नहीं हो सकता। यह मंदिर बाधाओं और संघर्षों को पार करते हुए आज भी गौरव के साथ खड़ा है।”

बार-बार टूटा, फिर भी हर बार और मजबूत होकर खड़ा हुआ

पीएम मोदी ने कहा कि विदेशी आक्रमणकारियों द्वारा बार-बार किए गए हमलों के बावजूद सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण होता रहा और यही भारत की आत्मा की ताकत है।
उन्होंने लिखा कि—

“आक्रमणकारी आज इतिहास के पन्नों में केवल फुटनोट बनकर रह गए हैं, जबकि सोमनाथ आज भी आशा और आस्था की रोशनी बिखेर रहा है।”

नेहरू पर भी किया तीखा कटाक्ष

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ब्लॉग में देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के रुख पर भी सवाल उठाए।
पीएम मोदी ने लिखा कि 1951 में सोमनाथ मंदिर के उद्घाटन को लेकर नेहरू “अधिक उत्साहित नहीं” थे और वह नहीं चाहते थे कि राष्ट्रपति या मंत्री इस कार्यक्रम में शामिल हों।

हालांकि तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद अपने फैसले पर अडिग रहे और उद्घाटन समारोह में शामिल होकर एक नया इतिहास रचा।

सरदार पटेल का सपना हुआ साकार

पीएम मोदी ने याद दिलाया कि आजादी के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाई।
1947 में दीवाली के दौरान सोमनाथ यात्रा के बाद सरदार पटेल ने मंदिर के पुनर्निर्माण की घोषणा की थी।
11 मई 1951 को मंदिर के भव्य द्वार श्रद्धालुओं के लिए खोले गए, हालांकि सरदार पटेल उस ऐतिहासिक क्षण को देखने के लिए जीवित नहीं थे।

‘सोमनाथ से प्रेरणा लेकर फिर बनेगा समृद्ध भारत’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा—

“अगर हजार साल पहले खंडित हुआ सोमनाथ अपने पूरे वैभव के साथ फिर खड़ा हो सकता है, तो हम हजार साल पहले का समृद्ध भारत भी फिर से बना सकते हैं।”

उन्होंने कहा कि आज दुनिया भारत को आशा, विश्वास और समाधान की नजर से देख रही है। योग, आयुर्वेद, कला, संस्कृति और नवाचार भारत की वैश्विक पहचान बन चुके हैं।

तुर्क शासक महमूद गजनवी के हमले का भी जिक्र

सोमनाथ मंदिर पर कई बार हमले हुए, जिनमें 1024 ईस्वी में तुर्क शासक महमूद गजनवी का हमला भी शामिल है। पीएम मोदी ने कहा कि घृणा और कट्टरता विनाश की ताकत हो सकती है, लेकिन आस्था में सृजन की शक्ति होती है—और सोमनाथ इसका जीवंत उदाहरण है।

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Author: Deepak Mittal

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