कोलकाता: चुनावी रोल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़ी राजनीतिक परामर्श फर्म I-PAC पर ईडी की छापेमारी को लेकर जारी सियासी घमासान के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार और रविवार को दो दिवसीय पश्चिम बंगाल दौरे पर रहेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री जहां एक ओर राजनीतिक रैलियों को संबोधित करेंगे, वहीं कई सरकारी कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी 17 जनवरी को अल्पसंख्यक बहुल मालदा जिले में एक जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद 18 जनवरी को उनका दौरा हुगली जिले के सिंगूर में प्रस्तावित है, जहां वे एक और रैली को संबोधित करेंगे। सिंगूर वही इलाका है, जो वर्ष 2008 में टाटा नैनो कार परियोजना को लेकर हुए आंदोलन के कारण देशभर में चर्चा में रहा था, जिसके बाद कंपनी ने अपना प्लांट वहां से हटाने का फैसला किया था।
चुनावी दृष्टि से अहम दौरा
विधानसभा चुनावों से पहले मालदा और सिंगूर दोनों ही राजनीतिक रूप से बेहद अहम माने जा रहे हैं। मौजूदा SIR अभ्यास के बीच यह प्रधानमंत्री का पश्चिम बंगाल का दूसरा दौरा होगा, जबकि 8 जनवरी को I-PAC के दफ्तरों पर ईडी की छापेमारी के बाद यह उनका पहला राज्य दौरा है।
ईडी की कार्रवाई के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं छापेमारी वाली जगह पर पहुंची थीं और केंद्र सरकार व भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए थे। ममता बनर्जी ने कहा था कि भाजपा के इशारे पर एजेंसियां TMC की चुनावी रणनीति चुराने की कोशिश कर रही हैं।
सरकारी कार्यक्रम और विकास परियोजनाएं
एक वरिष्ठ भाजपा नेता के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी शनिवार दोपहर मालदा पहुंचेंगे। वे पहले एक सरकारी कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे, उसके बाद पास के मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करेंगे। रविवार को प्रधानमंत्री फिर बंगाल आएंगे और हुगली जिले के सिंगूर में सरकारी कार्यक्रम के साथ-साथ जनसभा में शामिल होंगे। हालांकि, भाजपा की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि प्रधानमंत्री कोलकाता में रात्रि विश्राम करेंगे या नहीं।
18 जनवरी को सिंगूर दौरे के दौरान प्रधानमंत्री करीब 830 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे।
सियासी माहौल गरम
यह दौरा उस समय हो रहा है, जब SIR प्रक्रिया को लेकर राज्य में तीखा राजनीतिक विवाद चल रहा है। सत्ताधारी TMC ने भाजपा और चुनाव आयोग पर आरोप लगाया है कि पुनरीक्षण के नाम पर आम मतदाताओं को परेशान किया जा रहा है। TMC का दावा है कि जनता इस “परेशानी” का जवाब आगामी चुनावों में बैलेट बॉक्स के जरिए देगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उद्योग बनाम भूमि आंदोलन के केंद्र रहे सिंगूर में प्रधानमंत्री की मौजूदगी और विकास परियोजनाओं की घोषणा चुनावी लिहाज से बड़ा संदेश देने की कोशिश है।
Author: Deepak Mittal










Total Users : 8162774
Total views : 8187336