सिलचर: Narendra Modi ने शनिवार को Silchar में करीब 24 हजार करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने Shillong–सिलचर कॉरिडोर का भूमि पूजन किया, जो उत्तर-पूर्वी भारत का पहला एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड चार-लेन हाई-स्पीड कॉरिडोर होगा।
प्रधानमंत्री ने कैपिटल पॉइंट के पास ट्रंक रोड से सिलचर के रंगिरखारी पॉइंट तक NH-306 पर बनने वाले एलिवेटेड कॉरिडोर (चरण-1) का भी भूमि पूजन किया। इसके अलावा Karimganj जिले के पथारकंडी में एक नए कृषि महाविद्यालय की आधारशिला भी रखी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बराक वैली और पूरे नॉर्थ-ईस्ट की कनेक्टिविटी से जुड़े हजारों करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। उन्होंने कहा कि सड़क, रेल और शिक्षा से जुड़े ये प्रोजेक्ट बराक वैली को उत्तर-पूर्व का बड़ा लॉजिस्टिक और ट्रेड हब बनाने में मदद करेंगे, जिससे युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सिलचर को बराक घाटी का ‘गेटवे’ कहा जाता है। यहां इतिहास, संस्कृति और उद्यमशीलता का अनोखा संगम है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता इसकी सबसे बड़ी ताकत है और इसी के साथ विकास को आगे बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि भाजपा की “डबल इंजन सरकार” बराक घाटी को फिर से व्यापार और कारोबार का बड़ा केंद्र बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। पीएम मोदी ने कहा कि करीब 24 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला शिलांग-सिलचर हाई-स्पीड कॉरिडोर उत्तर-पूर्व के लिए बेहद अहम परियोजना है और यह दशकों पुराने इंतजार का अंत है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस कॉरिडोर से सिलचर के साथ-साथ Mizoram, Manipur और Tripura जैसे राज्यों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इन राज्यों के जरिए आगे Bangladesh और Myanmar से भी संपर्क मजबूत होगा, जिससे दक्षिण-पूर्व एशिया के बाजारों तक पहुंच आसान हो जाएगी।
पीएम मोदी ने असम के चाय बागानों में काम करने वाले श्रमिकों का भी जिक्र किया और कहा कि राज्य सरकार ने हजारों परिवारों को जमीन का अधिकार देकर ऐतिहासिक काम किया है। उन्होंने कहा कि इससे इन परिवारों को सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिला है।
Author: Deepak Mittal










Total Users : 8166987
Total views : 8193864