रायपुर: छत्तीसगढ़ में शहरी गरीबों के लिए बड़े पैमाने पर आवास निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत राज्य में 28,461 नए पक्के घरों के निर्माण के लिए 435 करोड़ रुपये से अधिक की केंद्रीय सहायता स्वीकृत की गई है। यह मंजूरी केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय की केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की बैठक में दी गई, जिसमें राज्य की 263 परियोजनाओं को स्वीकृति मिली।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि को प्रदेश के लिए बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि इससे हजारों आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास मिल सकेगा। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया।
योजना के तहत 211 लाभार्थी आधारित निर्माण परियोजनाएं और 52 किफायती आवास साझेदारी परियोजनाएं शामिल हैं। लाभार्थी आधारित निर्माण के अंतर्गत 13,058 आवासों को स्वीकृति दी गई है, जिनमें पात्र हितग्राही अपनी जमीन पर पक्का मकान बना सकेंगे। वहीं किफायती आवास साझेदारी घटक के तहत 15,363 आवासों का निर्माण शासकीय भूमि पर सार्वजनिक एजेंसियों के माध्यम से किया जाएगा।
इन सभी आवास परियोजनाओं को 36 महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण कार्य में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए हितग्राहियों को केंद्रीय सहायता आधार आधारित प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में दी जाएगी।
बैठक में बिलासपुर जिले के रतनपुर में एक विशेष डेमोंस्ट्रेशन हाउसिंग प्रोजेक्ट को भी मंजूरी मिली है। इस परियोजना के तहत आधुनिक तकनीक से 40 आवासों का निर्माण किया जाएगा, जिन्हें बाद में पात्र लोगों को किराये पर उपलब्ध कराया जाएगा। यह परियोजना राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के माध्यम से संचालित की जाएगी।
उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए लगातार समीक्षा कर रही है, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों को समय पर पक्के आवास उपलब्ध कराए जा सकें।
Author: Deepak Mittal










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