IPO से पहले PhonePe का मर्चेंट नेटवर्क तेजी से बढ़ा, DRHP में मोनेटाइजेशन के कई विकल्पों का खुलासा

Picture of Deepak Mittal

Deepak Mittal

नई दिल्ली: डिजिटल पेमेंट कंपनी PhonePe अपने प्रस्तावित आईपीओ की तैयारी में जुटी है। इस बीच कंपनी द्वारा दाखिल किए गए अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) में उसके विशाल मर्चेंट इकोसिस्टम और उससे होने वाली कमाई के कई नए पहलुओं का खुलासा हुआ है। दस्तावेज़ के अनुसार, कंपनी का मर्चेंट इंफ्रास्ट्रक्चर अब एक बड़े रेवेन्यू इंजन में बदल चुका है, जिसमें करोड़ों व्यवसाय और लाखों फिजिकल पेमेंट डिवाइस जुड़े हुए हैं।

कंपनी ने यह डेटा Securities and Exchange Board of India (SEBI) के पास दाखिल किया है। इसके अनुसार 30 सितंबर 2025 तक PhonePe का रजिस्टर्ड मर्चेंट बेस बढ़कर 47.19 मिलियन तक पहुंच गया है, जो भारत के 98.61 प्रतिशत पिन कोड को कवर करता है। 31 मार्च 2025 तक यह संख्या देश के कुल ट्रेड और सर्विस सेक्टर के लगभग 77 से 80 प्रतिशत मर्चेंट तक पहुंच चुकी थी। मार्च 2025 में मंथली एक्टिव मर्चेंट की संख्या 11.31 मिलियन रही, जो देश के कुल एक्टिव UPI मर्चेंट का करीब 54 प्रतिशत है।

मर्चेंट एंगेजमेंट में भी तेज़ बढ़ोतरी
सितंबर 2025 तक डेली एक्टिव मर्चेंट एंगेजमेंट बढ़कर मंथली एक्टिव मर्चेंट का 60.77 प्रतिशत हो गया, जबकि मार्च 2023 में यह 44.18 प्रतिशत था। कंपनी का फिजिकल नेटवर्क भी तेजी से विस्तार कर रहा है। वर्तमान में करीब 9.19 मिलियन पेमेंट डिवाइस इस्तेमाल में हैं, जो सिर्फ पेमेंट टूल ही नहीं बल्कि बिज़नेस कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म के रूप में भी काम करते हैं। स्मार्टस्पीकर जैसे डिवाइस मर्चेंट्स को ट्रांजैक्शन अपडेट और अन्य अलर्ट देने में मदद करते हैं।

इस नेटवर्क को बनाए रखने के लिए कंपनी के पास 25,657 कर्मचारियों की टीम और 31,000 से अधिक कमीशन आधारित एजेंटों का फील्ड नेटवर्क है, जो खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में विस्तार पर ध्यान दे रहा है।

मर्चेंट लेंडिंग बना सबसे तेज़ी से बढ़ता सेगमेंट
DRHP के अनुसार कंपनी के लिए सबसे तेजी से बढ़ता हुआ क्षेत्र मर्चेंट लेंडिंग है। अपने 47 मिलियन मर्चेंट्स के ट्रांजैक्शन डेटा का उपयोग कर PhonePe अपने पार्टनर लेंडर्स को क्रेडिट इनसाइट्स उपलब्ध कराता है, जिससे बिना किसी गारंटी के लोन दिए जा सकते हैं।

आंकड़ों के मुताबिक लोन डिस्बर्सल वित्त वर्ष 2023 में 0.11 बिलियन रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 45.07 बिलियन रुपये तक पहुंच गया। वहीं वित्त वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में ही लेंडिंग से होने वाली आय 2,880.87 मिलियन रुपये तक पहुंच गई, जो पिछले पूरे साल की कमाई का करीब 88 प्रतिशत है।

इसके अलावा मर्चेंट पेमेंट्स सेगमेंट ने वित्त वर्ष 2025 में 19,910.36 मिलियन रुपये का राजस्व अर्जित किया, जो कंपनी के कुल ऑपरेशनल रेवेन्यू का लगभग 28 प्रतिशत है। मर्चेंट टोटल पेमेंट वैल्यू (TPV) के सालाना 15 ट्रिलियन रुपये तक पहुंचने के साथ PhonePe ने अपने विशाल पेमेंट नेटवर्क को एक बड़े फाइनेंशियल सर्विस प्लेटफॉर्म में बदलने में सफलता हासिल की है।

Deepak Mittal
Author: Deepak Mittal

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

October 2026
S M T W T F S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *