
बिलासपुर। पूर्व केंद्रीय वित्तमंत्री पी. चिदंबरम सोमवार को बिलासपुर हाईकोर्ट में पहुंचे। उन्होंने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायाधीश रविंद्र अग्रवाल की खंडपीठ के समक्ष एक कंपनी की ओर से वकील के रूप में पैरवी की।
सीनियर वकील रविंद्र श्रीवास्तव के साथ मिलकर की पैरवी
बिलासपुर हाईकोर्ट में पी. चिदंबरम ने सीनियर वकील रविंद्र श्रीवास्तव के साथ मिलकर अल्ट्राटेक सीमेंट और श्री सीमेंट की टैक्सेशन से संबंधित याचिका पर अपने तर्क रखे। यह याचिका पहले हाई कोर्ट की सिंगल बेंच द्वारा खारिज कर दी गई थी.

लेकिन कंपनियों ने डीविजन बेंच में अपील दायर कर सिंगल बेंच के फैसले को चुनौती दी है। चिदंबरम और श्रीवास्तव ने डीविजन बेंच के सामने अपने तर्क रखे, जिसमें उन्होंने कंपनियों के पक्ष में अपनी दलीलें प्रस्तुत कीं।

डीविजन बेंच ने अपना फैसला रखा सुरक्षित
सोमवार को बिलासपुर हाई कोर्ट में सीमेंट कंपनियों के टैक्सेशन मामले की डीविजन बेंच ने सुनवाई की। सुनवाई के बाद डीविजन बेंच ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। बता दें कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट पी. चिदंबरम पहले भी हाई कोर्ट में पैरवी कर चुके हैं।

प्रमुख वकीलों का आना-जाना रहता है बिलासपुर हाईकोर्ट में
सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट पी. चिदंबरम अपने वित्तीय मामलों के ज्ञान के लिए जाने जाते हैं। चिदंबरम ने अपने तर्क रखे और कंपनियों के पक्ष में अपनी दलीलें प्रस्तुत कीं। छत्तीसगढ़ में महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई के लिए देशभर के प्रमुख वकील बिलासपुर हाई कोर्ट आते रहते हैं

और यह मामला भी उसी श्रेणी में आता है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अदालत का फैसला क्या होगा और क्या अपील स्वीकारने योग्य होगी। चिदंबरम और श्रीवास्तव ने अपनी दलीलें प्रस्तुत कर दी हैं, और अब अदालत के फैसले का इंतजार है।

Author: Deepak Mittal









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