महासमुंद, 12 सितम्बर 2025।
ग्रामीण युवाओं और युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन एवं बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। विकासखण्ड बसना के ग्राम छिर्राबाहरा में आयोजित 30 दिवसीय राजमिस्त्री प्रशिक्षण का बुधवार को समापन हुआ।
इस प्रशिक्षण में ग्राम पंचायत के 27 ग्रामीण श्रमिकों ने भाग लेकर भवन निर्माण से जुड़ी तकनीकी एवं व्यवहारिक जानकारी प्राप्त की।
कुशल राजमिस्त्री बने श्रमिक
समापन समारोह की अध्यक्षता जनपद सीईओ बसना पीयूष सिंह ठाकुर ने की। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से अनुभव साझा करने को कहा और तकनीकी दक्षता के बारे में जानकारी ली।
सीईओ ठाकुर ने कहा –
“अब आप केवल श्रमिक नहीं रहे, बल्कि कुशल राजमिस्त्री बन गए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जब आप घर बनाएंगे, तो आपको आवासीय निर्माण योद्धा कहा जाएगा।”
तकनीकी कौशल और औजारों का लाभ
प्रशिक्षणार्थियों ने बताया कि उन्होंने नाप-जोख, ईंटों की चिनाई, प्लास्टरिंग, लेवलिंग और भवन निर्माण की कई आधुनिक तकनीकें सीखी हैं। अब वे आत्मविश्वास के साथ स्वतंत्र रूप से राजमिस्त्री का कार्य कर सकते हैं।
समापन अवसर पर सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र और राजमिस्त्री टूल किट प्रदान किए गए, जिनमें निर्माण कार्य के लिए आवश्यक औजार शामिल थे।
प्रधानमंत्री आवास योजना में योगदान
यह प्रशिक्षण न केवल युवाओं को आत्मनिर्भर बनाएगा, बल्कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत होने वाले निर्माण कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर भी देगा।
Author: Deepak Mittal









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