कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा में छात्रावास में पढ़ने वाली बालिका के मां बनने के मामले में कलेक्टर ने लापरवाही बरतने वाली हॉस्टल अधीक्षिका जय कुमारी रात्रे को निलंबित कर दिया है।
कलेक्टर अजीत बंसत ने मामले को गंभीरता से लेते हुये जांच टीम का गठन किया हैं। साथ ही टीम को जल्द से जल्द जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिये हैं। कलेक्टर ने कहा कि जांच के बाद दोषी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, कस्तूरबा बालिका हॉस्टल में रहकर 11वीं में अध्ययन करने वाली एक नाबालिक छात्रा ने बीती रात हॉस्टल में एक बच्ची को जन्म दिया।
इस सूचना के बाद हॉस्टल अधीक्षिका मौके पर पहुंची और बच्चे के संबंध जारी है। इस घटना में बड़ी लापरवाही भी सामने आई है कि छात्रा जब इतने माह से गर्भवती थी तो छात्रावास अधीक्षिका को इस बात की जानकारी क्यों नहीं लगी।
छात्रा के माता-पिता हॉस्टल से 40 किलोमीटर दूर रहते हैं। हॉस्टल प्रशासन ने छात्रा के माता पिता को बुलाकर पूछताछ की पर उन्होंने अपनी बेटी के गर्भवती होने और इसकी जानकारी होने से इनकार कर दिया। घटना के बाद हड़कंप मच गया और अधिकारी हॉस्टल पहुंचकर मामले की जांच में जुट गए। वहीँ, शिशु को जन्म देने वाली नाबालिक बालिका भी शिशु को अपना मानने से इनकार कर रही है।
शिशु को कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लाकर एनआईसीयू वार्ड में चिकित्सकों की गहन निगरानी में रखा गया है। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर राकेश वर्मा के अनुसार शिशु में चोट के निशान पाए गए है। इसके अलावा शिशु प्री मैच्योर है।
फिलहाल कलेक्टर अजीत बंसत ने मामले को गंभीरता से लेते हुये जांच टीम का गठन किया हैं। साथ ही टीम को जल्द से जल्द जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिये हैं। कलेक्टर ने कहा कि जांच के बाद दोषी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
Author: Deepak Mittal










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