रायगढ़: जिले के मंगल कार्बन प्लांट में हुए दर्दनाक हादसे ने एक परिवार को पूरी तरह से उजाड़ दिया। इस घटना में पिता, बेटे और 9 माह की मासूम बच्ची समेत एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। पहले बच्ची को दफनाया गया और अगले ही दिन हादसे में गंभीर रूप से झुलसे पिता और बेटे ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
गुरुवार को साहेबलाल खड़िया (46) और उनके बेटे शिव खड़िया (27) के शव रजघट्टा गांव स्थित उनके घर लाए गए। जैसे ही शव गांव पहुंचे, माहौल गमगीन हो गया। घर के आंगन में दोनों शवों को सफेद कफन से ढंककर रखा गया था। परिवारजन, रिश्तेदार और ग्रामीण बड़ी संख्या में मौजूद थे। हर आंख नम थी और सन्नाटा पसरा हुआ था।
साहेबलाल के 70 वर्षीय पिता कुंजराम खड़िया अपने बेटे और पोते के शव के पास बैठे रहे। उम्र और सदमे ने उन्हें इतना तोड़ दिया था कि आंसू भी जैसे थम गए थे। वे कभी शवों को देखते तो कभी पास बैठी बहू आशा खड़िया को, जो बिलख-बिलखकर रो रही थी। घर से उठती सिसकियों की आवाजें पूरे मोहल्ले में गूंज रही थीं।
साहेबलाल की बेटी और शिव की बहन आरती भी गहरे सदमे में एक कमरे में चुपचाप बैठी रही। परिजन एक-दूसरे को ढांढस बंधाते रहे, लेकिन दर्द कम होने का नाम नहीं ले रहा था।
दोपहर करीब ढाई बजे पिता और बेटे की अर्थी एक साथ घर से निकली। पूरे गांव ने नम आंखों से दोनों को अंतिम विदाई दी। रजघट्टा गांव में मातम का माहौल है और लोग इस त्रासदी से उबर नहीं पा रहे हैं।
Author: Deepak Mittal










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