दो समुदायों के बीच झड़प के बाद भड़की हिंसा, भारी सुरक्षा बल तैनात
इंफाल: मणिपुर के उखरुल जिले के लिटन गांव में सोमवार तड़के हुई आगजनी की घटना में कम से कम 20 घर जलकर खाक हो गए। अधिकारियों के अनुसार, यह घटना एक तांगखुल नागा युवक और कुकी समुदाय के युवक के बीच हुई झड़प के बाद भड़की। आगजनी की घटना रात करीब 12.30 बजे की बताई जा रही है।
घटना से कुछ घंटे पहले ही राज्य सरकार ने इलाके में बढ़ते तनाव को देखते हुए इंफाल–उखरुल रोड पर लिटन सारेखोंग क्षेत्र में रविवार शाम 7 बजे से भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 122 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी थी।
अधिकारियों ने बताया कि संदिग्ध बदमाशों ने तांगखुल नागा समुदाय के लोगों के घरों को निशाना बनाते हुए आग लगा दी। आगजनी के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इस घटना में उखरुल के सरकाफुंग गांव निवासी स्वर्गीय ए.एस. पाओशिम के पुत्र ए.एस. स्टर्लिंग (42) घायल हो गए हैं।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की है। मौके पर असम राइफल्स की चार कॉलम, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की दो कंपनियां, 8 बिहार रेजिमेंट की चार कॉलम और 4th महार रेजिमेंट के जवान तैनात किए गए हैं। हालांकि इलाके में तनाव बना हुआ है, लेकिन अधिकारियों ने कहा है कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है।
इस बीच, दोनों समुदायों के कई नागरिक संगठनों — जिनमें कुकी स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन और तांगखुल स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन काथो कटमनाव लॉन्ग शामिल हैं — ने शांति बनाए रखने और सौहार्दपूर्ण सह-अस्तित्व की अपील की है।
मणिपुर के उपमुख्यमंत्री लोसी दिखो ने सोमवार को लिटन पुलिस स्टेशन में एक आपात सार्वजनिक बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में वरिष्ठ प्रशासनिक, पुलिस और राजनीतिक अधिकारी मौजूद रहे। इसमें तांगखुल नागा लॉन्ग, तांगखुल शनाओ लॉन्ग, काथो के अध्यक्ष, असम राइफल्स के जनरल ऑफिसर कमांडिंग, उखरुल विधायक, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष, उखरुल डिप्टी कमिश्नर, सब-डिविजनल अधिकारी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शामिल थे।
इससे पहले दिन में मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि वे घटना में घायल लोगों से मिलने RIMS अस्पताल गए थे और उन्हें शीघ्र स्वस्थ होने के लिए सभी आवश्यक चिकित्सकीय सहायता का आश्वासन दिया।
Author: Deepak Mittal









