अगरतला: मादक पदार्थों के खिलाफ जारी अभियान के तहत असम राइफल्स ने त्रिपुरा में अवैध गांजा खेती के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। अगरतला से करीब 41 किलोमीटर दक्षिण स्थित बोक्सानगर इलाके में चलाए गए संयुक्त अभियान में लगभग 1.75 लाख गांजे के पौधों को नष्ट किया गया। यह कार्रवाई असम राइफल्स और अगरतला वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई।
अधिकारियों के अनुसार, करीब 50 एकड़ क्षेत्र में फैली अवैध गांजा की खेती को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। नष्ट किए गए गांजे का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 25.72 करोड़ रुपये बताया जा रहा है।
यह अभियान प्रभावी खुफिया जानकारी के आधार पर चलाया गया, जो असम राइफल्स और नागरिक प्रशासन के बीच मजबूत समन्वय को दर्शाता है। सुरक्षा बलों ने स्पष्ट किया कि मादक पदार्थों की अवैध खेती पर रोक लगाने और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
गौरतलब है कि इससे पहले भी त्रिपुरा में अवैध गांजा खेती के खिलाफ कई बड़ी कार्रवाइयां की जा चुकी हैं। पिछले सप्ताह की शुरुआत में सेपाहिजाला जिले के सोनमुरा उपखंड अंतर्गत दुलुंगा वन क्षेत्र में चलाए गए एक बड़े संयुक्त अभियान में पांच लाख से अधिक गांजे के पौधे नष्ट किए गए थे। यह कार्रवाई 1 फरवरी को सुबह 8:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक चली थी।
इस दौरान करीब 170 एकड़ वन भूमि में फैले गांजा के 92 अलग-अलग भूखंडों की पहचान कर उन्हें जड़ से उखाड़कर मौके पर ही नष्ट किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, इस कार्रवाई में नष्ट किए गए प्रतिबंधित मादक पदार्थों का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 75 करोड़ रुपये था, जो हाल के वर्षों में राज्य की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है।
इसी क्रम में 29 जनवरी को भी सोनमुरा उपमंडल के अंतर्गत कमला नगर, कृष्णाडोला, दुलुंगा और बिजय नगर के वन क्षेत्रों में नौ घंटे तक चले अभियान में 65 एकड़ भूमि पर फैले अवैध गांजा के बागानों को नष्ट किया गया था। इस कार्रवाई में लगभग 1.80 लाख परिपक्व पौधों वाले 41 भूखंडों को खत्म किया गया, जिनका अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 27 करोड़ रुपये बताया गया।
सुरक्षा बलों ने दोहराया है कि त्रिपुरा को नशा मुक्त बनाने के लिए ऐसे सख्त अभियान लगातार जारी रहेंगे।
Author: Deepak Mittal









