पतंगबाजी का सीजन बना परिंदों के लिए जानलेवा, चाइनीज डोर में फंसकर दम तोड़ रहे पक्षी

Picture of Deepak Mittal

Deepak Mittal

मंडी: प्रदेश में मकर संक्रांति से लेकर बसंत पंचमी तक चलने वाला पतंगबाजी का सीजन मूक पक्षियों के लिए खतरे की घंटी बनता जा रहा है। इस दौरान चाइनीज डोर की चपेट में आकर हर साल बड़ी संख्या में पक्षी अपनी जान गंवा रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में हर वर्ष 150 से 500 पक्षी सीधे तौर पर चाइनीज डोर के कारण मौत का शिकार हो जाते हैं, जबकि 500 से अधिक पक्षी गंभीर रूप से घायल होते हैं। इनमें से करीब 60 प्रतिशत पक्षी ऐसे होते हैं, जिनके पंख कट जाने से वे जीवनभर दोबारा उड़ नहीं पाते।

समस्या केवल हिमाचल प्रदेश तक सीमित नहीं है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक देशभर में पतंगबाजी के सीजन के दौरान हर साल हजारों पक्षी मारे जाते हैं और करीब 15 हजार से अधिक पक्षी गंभीर रूप से घायल होते हैं। अनुमान है कि एक वर्ष में 1500 से 2000 पक्षी सिर्फ चाइनीज डोर में उलझकर दम तोड़ देते हैं, जिनमें हिमाचल प्रदेश के मामले भी शामिल हैं।

गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में चाइनीज और नायलॉन डोर पर पूर्ण प्रतिबंध लगा हुआ है, इसके बावजूद इसकी बिक्री खुलेआम जारी है। इस लापरवाही का खामियाजा बेजुबान पक्षियों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है।

देवभूमि पर्यावरण रक्षक मंच के अध्यक्ष नरेंद्र सैणी ने चिंता जताते हुए कहा कि प्रदेश में पतंग के खतरनाक मांझे पर प्रतिबंध होने के बावजूद इसका धड़ल्ले से कारोबार हो रहा है। उन्होंने बताया कि रोजाना दर्जनों पक्षी चाइनीज डोर में फंसकर अपनी जान गंवा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

Deepak Mittal
Author: Deepak Mittal

Leave a Comment

Leave a Comment