दल्लीराजहरा।छत्तीसगढ़ सरकार की जेम पोर्टल आधारित निविदा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बालोद जिले में प्रस्तावित नेशनल लेवल रोवर–रेंजर जंबूरी 2026 के आयोजन को लेकर सामने आए तथ्यों ने पूरे शासन–प्रशासन को कटघरे में ला खड़ा किया है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य एवं पूर्व मंत्री प्रतिनिधि पीयूष सोनी ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि टेंडर खुलने से पहले ही काम पूरा कर लिया गया, जिससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि ठेका पहले से तय था और निविदा प्रक्रिया महज औपचारिकता बनकर रह गई।
टेंडर से पहले ही निजी कंपनी ने संभाल लिया आयोजन स्थल,,,पीयूष सोनी ने जानकारी देते हुए बताया कि जंबूरी आयोजन से संबंधित टेंडर 3 जनवरी को सुबह 12 बजे जेम पोर्टल पर खुलना था, लेकिन इससे पहले ही शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, बालोद में एक निजी कंपनी द्वारा पूरे जोर-शोर से कार्य प्रारंभ कर दिया गया।
मौके पर भारत किराया भंडार के ट्रक, भारी मात्रा में सामग्री और श्रमिकों की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया कि कंपनी पूरी तैयारी के साथ काम में जुट चुकी थी।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब टेंडर प्रक्रिया पूरी ही नहीं हुई थी, तो किसके आदेश पर कंपनी को काम शुरू करने की अनुमति दी गई?
जेम पोर्टल की गोपनीयता कैसे हुई भंग?
पीयूष सोनी ने कहा कि यह मामला केवल नियमों की अनदेखी तक सीमित नहीं है, बल्कि जेम पोर्टल जैसी ऑनलाइन और कथित पारदर्शी प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न है।
उन्होंने पूछा कि टेंडर से जुड़ी संवेदनशील जानकारी पहले ही कैसे लीक हो गई, और किसके संरक्षण में यह पूरा खेल खेला गया।
मंत्री और विभागीय अफसरों की भूमिका संदिग्ध मामले को और भी संदिग्ध बताते हुए पीयूष सोनी ने कहा कि जब टेंडर दस्तावेजों में दर्ज संबंधित अधिकारी के मोबाइल नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो नियत समय पर फोन स्विच ऑफ मिला।
उन्होंने आशंका जताई कि जवाबदेही से बचने के लिए जानबूझकर अधिकारी संपर्क से दूर रहे।
पूर्व-निर्धारित ठेका और बड़े लेन-देन की आशंका
पीयूष सोनी ने कहा कि पूरे घटनाक्रम में पूर्व-निर्धारित ठेका, बड़े पैमाने पर लेन-देन और सत्ता के संरक्षण की चर्चा सामने आ रही है।उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
कांग्रेस करेगी आंदोलन
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शासन–प्रशासन इस मामले को दबाने का प्रयास करता है, तो कांग्रेस इसे सड़क से सदन तक उठाएगी और जनहित से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर आंदोलन करेगी।
Author: Deepak Mittal










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