जशपुर: जिले में गांजा तस्करी के खिलाफ की गई पुलिस कार्रवाई के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। गांजा के साथ पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि इस अवैध धंधे में पुलिस विभाग के ही दो आरक्षक शामिल थे। मामले की जानकारी मिलते ही एसएसपी लाल उमेद सिंह ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद दोनों आरक्षकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
24 पैकेट गांजा जब्त
जानकारी के अनुसार, 28 फरवरी को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कोतवाली क्षेत्र के विवेकानंद कॉलोनी में रहने वाला रवि विश्वकर्मा किराए के मकान में गांजा बेच रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए कोतवाली पुलिस ने दबिश दी और रवि विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
मकान की तलाशी लेने पर एक पेटी में रखे 24 पैकेट गांजा बरामद किए गए। जब आरोपी से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि गोविंद उर्फ सुनील भगत ने उसे पैसों का लालच देकर गांजा घर में रखने और बेचने के लिए कहा था।
पुलिसकर्मियों की संलिप्तता का खुलासा
रवि के बयान के आधार पर पुलिस ने गोविंद उर्फ सुनील भगत को भी गिरफ्तार किया। पूछताछ में गोविंद ने खुलासा किया कि थाना तपकरा में पदस्थ आरक्षक धीरेन्द्र मधुकर (37) और आरक्षक अमित त्रिपाठी (35) भी गांजा तस्करी में शामिल थे।
आरोप है कि दोनों आरक्षक मिलकर गांजा की सप्लाई और बिक्री करवा रहे थे।
चारों आरोपी जेल भेजे गए
मामले में पुलिस ने दोनों आरक्षकों सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Author: Deepak Mittal










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