छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड मामले में अमित जोगी को बड़ा झटका लगा है। आज इस केस में हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई।
सभी पक्षों को सुनने के बाद चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच (डीबी) ने मुख्य आरोपी रहे अमित जोगी को तीन हफ्ते में सरेंडर करने के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि साल 2003 में एनसीपी नेता राम अवतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिससे पूरे प्रदेश में सनसनी फैल गई थी। इस मामले में 2007 में निचली अदालत ने 28 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जबकि अमित जोगी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था।
Author: Deepak Mittal









