IPS अफसर को कांग्रेस का मिला समर्थन, दीपक बैज बोले– सरकार के लिए गंभीर और संवेदनशील मुद्दा

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रायपुर: कवर्धा के पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह छवई द्वारा राज्य सरकार पर भेदभाव के आरोप लगाए जाने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। इस पूरे मामले में अब कांग्रेस खुलकर IPS अधिकारी के समर्थन में सामने आ गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने कवर्धा एसपी के बयान को सरकार के लिए गंभीरता से विचार करने योग्य बताया है।

दीपक बैज ने कहा कि राज्य सरकार की पदोन्नति और स्थानांतरण नीति पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एससी-एसटी और विशेष वर्ग के अधिकारियों के साथ प्रमोशन और पोस्टिंग में भेदभाव किया जा रहा है। बैज ने कहा कि इस तरह की शिकायतें पहले भी सामने आ चुकी हैं और अब एक वरिष्ठ IPS अधिकारी का सामने आकर बात रखना सरकार की नीतियों पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कवर्धा के पुलिस अधीक्षक ने एक सही और संवेदनशील मुद्दा उठाया है।

दरअसल, छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे में पदोन्नति को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। भारतीय पुलिस सेवा (IPS) 2012 बैच के अधिकारी और कवर्धा के एसपी धर्मेंद्र सिंह छवई ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अपने साथ हुए कथित अन्याय, भेदभाव और संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया है। पत्र में उन्होंने कहा है कि नियमों के बावजूद उन्हें जानबूझकर पदोन्नति से वंचित किया गया।

धर्मेंद्र सिंह छवई ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी पदोन्नति सूचियों—10 अक्टूबर 2024, 31 दिसंबर 2024, 26 मई 2025 और 31 जुलाई 2025—में उनके नाम पर विचार तो किया गया, लेकिन हर बार उन्हें पदोन्नति नहीं दी गई। कारण यह बताया गया कि उनके खिलाफ लोकायुक्त संगठन, भोपाल में जांच लंबित है।

IPS अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया कि जिन अधिकारियों पर उनसे कहीं अधिक गंभीर आरोप हैं, जिनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज हैं और जिन मामलों में अब तक न्यायालय से अंतिम रिपोर्ट भी नहीं आई है, उन्हें पदोन्नति का लाभ दे दिया गया। जबकि उनके मामले में न तो कोई चार्जशीट जारी हुई है और न ही कोई विभागीय कार्रवाई लंबित है।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद पुलिस महकमे में पदोन्नति प्रक्रिया और सरकार की भूमिका को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं, वहीं कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है।

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Author: Deepak Mittal

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