अनिद्रा, चिंता और नशे से ग्रस्त समाज को योग ही दे सकता है मुक्ति – योगगुरु रश्मि शुक्ला का संदेश

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दुर्ग।
वर्तमान समाज में अनैतिक गतिविधियों, मानसिक विकारों और असंतुलित जीवनशैली की जड़ें गहराती जा रही हैं। अनिद्रा, आलस्य, चिंता और नशा जैसी समस्याएं केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार को दुख और अशांति की ओर धकेल रही हैं।

योगगुरु रश्मि शुक्ला जी, संस्थापक – आस्था योगपीठ, मीनाक्षी नगर, दुर्ग ने इन चिंताओं पर गहन विचार व्यक्त करते हुए कहा कि “इन समस्याओं से मुक्ति का एकमात्र सहज और प्रभावशाली उपाय योग, प्राणायाम और ध्यान है।”

उन्होंने कहा कि प्रतिदिन योग, साधना और मंत्र जाप को जीवन में अपनाकर न केवल हम अपने नकारात्मक विचारों और भावनाओं का शमन कर सकते हैं, बल्कि शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में भी संतुलन ला सकते हैं।

“रोगी व्यक्ति सिर्फ खुद नहीं, बल्कि अपने पूरे परिवार के लिए चिंता और असफलता का कारण बनता है। इसलिए आवश्यक है कि हम अपने विचारों को शुद्ध और व्यवहार को श्रेष्ठ बनाएं।”
— योगगुरु रश्मि शुक्ला जी

उनका यह भी मानना है कि यदि भारतवर्ष के ऋषियों द्वारा प्रदत्त योग की पद्धति को सहज रूप से अपनाया जाए, तो आधुनिक समस्याओं से मुक्त होकर व्यक्ति, समाज और राष्ट्र को एक नया जीवन दिया जा सकता है।

उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे योग और ध्यान को न केवल स्वयं अपनाएं बल्कि समाज में जागरूकता फैलाकर एक स्वस्थ, शांत और सशक्त राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।

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Author: Deepak Mittal

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