नई दिल्ली/बगदाद: फारस की खाड़ी में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के हमले में अमेरिकी तेल टैंकर पर सवार एक भारतीय नाविक की मौत हो गई। यह हमला इराक के Basra के पास हुआ, जहां Seaface Vishnu नामक क्रूड ऑयल टैंकर को निशाना बनाया गया।
Embassy of India in Baghdad ने बताया कि जहाज पर मौजूद 15 भारतीय क्रू मेंबरों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है। दूतावास ने यह भी पुष्टि की कि वह इराकी अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और सभी नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक यह हमला Persian Gulf क्षेत्र में हुआ, जहां एक अन्य ऑयल टैंकर पर भी हमले के बाद आग लगने की खबर है। ईरान ने हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि इस ऑपरेशन में पानी के नीचे चलने वाले ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। ईरान के सरकारी प्रसारक Islamic Republic of Iran Broadcasting के अनुसार इन ड्रोन के जरिए फारस की खाड़ी में दो ऑयल टैंकरों को निशाना बनाया गया।
हमले में जिन जहाजों को निशाना बनाया गया उनमें माल्टा के झंडे वाला टैंकर Zephiros और मार्शल आइलैंड्स के झंडे के तहत चल रहा Seaface Vishnu शामिल हैं। यह टैंकर अमेरिकी कंपनी Seaface Transport Inc. का बताया जा रहा है।
भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में कहा कि 11 मार्च 2026 को हुए इस हमले में एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत हो गई, जबकि बाकी नाविकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। दूतावास ने मृतक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना भी व्यक्त की है।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है। ईरान ने पहले चेतावनी दी थी कि वह Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बना सकता है। यह समुद्री मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि दुनिया की करीब 20 प्रतिशत तेल आपूर्ति इसी रास्ते से गुजरती है।
इस बीच अमेरिकी प्रशासन, जिसकी अगुवाई Donald Trump कर रहे हैं, ने कहा है कि अमेरिकी सेना इस क्षेत्र में संभावित खतरों से निपटने के लिए सक्रिय कार्रवाई कर रही है। लगातार बढ़ते सैन्य तनाव के कारण समुद्री व्यापार प्रभावित हुआ है और वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में भी तेजी देखी जा रही है।
Author: Deepak Mittal










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