धमतरी: शहर में खुद को इनकम टैक्स अधिकारी बताकर छापा मारने वाले फर्जी गिरोह का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। रत्नाबांधा रोड स्थित दिलीप राठौर के घर फर्जी रेड डालकर दहशत फैलाने वाले इस गिरोह के 12 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है।
एसपी सूरज सिंह परिहार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 12 दिसंबर 2025 को पीड़ित दिलीप राठौर (67 वर्ष) ने सिटी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़ित के मुताबिक, 17 नवंबर 2025 को सुबह करीब 11:30 बजे 6–7 लोग खुद को इनकम टैक्स अधिकारी बताकर बिना पहचान पत्र और बिना वैध तलाशी वारंट के जबरन घर में घुस आए।
ढाई घंटे तक घर को बनाया बंधक
आरोपियों ने करीब 2 से 2.30 घंटे तक घर के सभी कमरों, दराजों, आलमारियों और लॉकर की तलाशी ली, और इस दौरान परिवार को घर से बाहर निकलने तक नहीं दिया। जब उन्हें कुछ नहीं मिला तो वे दो कारों में बैठकर फरार हो गए।
200 करोड़ की अफवाह बनी वारदात की वजह
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्हें सूचना मिली थी कि पीड़ित के घर में 200 करोड़ रुपये रखे हैं। इसी लालच में सभी ने मिलकर फर्जी इनकम टैक्स टीम बनाकर सुनियोजित साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया।
कई राज्यों में दबिश, ऐसे टूटा गिरोह
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर विशेष टीमों का गठन किया गया। सायबर सेल की मदद से तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर पुलिस टीमों ने नागपुर (महाराष्ट्र), रायपुर, दुर्ग, बालोद और दल्लीराजहरा में दबिश देकर सभी आरोपियों को हिरासत में लिया।
आरोपियों की निशानदेही पर टाटा सफारी, स्विफ्ट डिजायर, अन्य वाहन, मोबाइल फोन और जूट की बोरी जब्त की गई है। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर सभी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है।
कुछ आरोपी पहले से अपराधी
पुलिस के अनुसार, गिरोह में शामिल कुछ आरोपियों के खिलाफ पहले से गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें आर्म्स एक्ट और हत्या जैसे संगीन अपराध भी शामिल हैं।
धमतरी पुलिस का यह खुलासा उन लोगों के लिए चेतावनी है जो सरकारी अफसर बनकर आम नागरिकों को डराने और लूटने की कोशिश करते हैं।
Author: Deepak Mittal










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