नई दिल्ली: मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच गुरुवार को कीमती धातुओं के बाजार में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और महंगाई की आशंका के चलते निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख किया, जिससे शुरुआती कारोबार में सोना और चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। हालांकि बाद में मुनाफावसूली के कारण दोनों धातुओं के दाम में गिरावट आ गई।
दोपहर करीब 12.13 बजे मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने के अप्रैल वायदा में 0.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ कीमत 1,61,165 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। वहीं मई डिलीवरी वाला चांदी का वायदा 1.17 प्रतिशत यानी 3,109 रुपए गिरकर 2,62,451 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार करता नजर आया। इससे पहले सुबह के कारोबार में सोना 1,63,142 रुपए प्रति 10 ग्राम के उच्च स्तर तक पहुंच गया था, जबकि चांदी 2,74,251 रुपए प्रति किलोग्राम तक चढ़ गई थी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं में तेजी देखी गई। स्पॉट गोल्ड 0.8 प्रतिशत बढ़कर 5,176.69 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया, जबकि स्पॉट सिल्वर 1.2 प्रतिशत की बढ़त के साथ 84.43 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा।
विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष छठे दिन में प्रवेश कर चुका है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा भी गहराया है। इसके अलावा अमेरिकी डॉलर में कमजोरी ने भी सोना-चांदी की कीमतों को समर्थन दिया।
ऊर्जा बाजार में भी तेजी देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेंचमार्क क्रूड का अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट 2.43 प्रतिशत बढ़कर 83.26 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि न्यूयॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज (एनवाईमेक्स) पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) का अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट 2.63 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76.63 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बना रहता है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होती है, तो सोने की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में 5,500 से 5,600 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती हैं। वहीं एमसीएक्स पर सोने के लिए 1,58,000 से 1,62,000 रुपए का स्तर मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि 1,75,000 से 1,80,000 रुपए प्रमुख रेजिस्टेंस हो सकता है। चांदी के लिए 2,50,000 और 2,70,000 रुपए सपोर्ट स्तर हैं, जबकि 3,00,000 और 3,20,000 रुपए रेजिस्टेंस स्तर माने जा रहे हैं।
Author: Deepak Mittal










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