मुंबई: सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ। बिकवाली के दबाव में प्रमुख सूचकांक BSE Sensex 1,236.11 अंक (1.48%) टूटकर 82,498.14 पर बंद हुआ, जबकि NSE Nifty 50 365 अंक (1.41%) गिरकर 25,454.35 पर आ गया।
बाजार बंद होने तक निफ्टी के सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते दिखे।
शुरुआती बढ़त के बाद तेज बिकवाली
गुरुवार को बाजार मामूली बढ़त के साथ खुला था, लेकिन बैंकिंग, मेटल, ऑटो और एफएमसीजी शेयरों में भारी बिकवाली के चलते तीन दिन से जारी तेजी का सिलसिला टूट गया।
कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1,400 अंक से अधिक गिरकर 82,264.20 के निचले स्तर तक पहुंच गया, जबकि निफ्टी 400 अंक से ज्यादा टूटकर 25,400 के नीचे फिसल गया।
गिरावट की बड़ी वजहें
विश्लेषकों के मुताबिक बाजार में गिरावट के पीछे मुख्य कारण रहे:
-
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें
-
अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता तनाव
-
बैंकिंग और एफएमसीजी कंपनियों में मुनाफावसूली
सेंसेक्स के सभी 30 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। इंडिगो, एमएंडएम, अल्ट्राटेक सीमेंट, ट्रेंट, बीईएल, कोटक बैंक, रिलायंस, टेक महिंद्रा और आईटीसी में सबसे ज्यादा, लगभग 3.2% तक की गिरावट दर्ज की गई।
मिडकैप और स्मॉलकैप भी दबाव में
व्यापक बाजारों में Nifty Midcap 100 1.59% और Nifty Smallcap 100 1.27% गिरा।
सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी रियल्टी, मीडिया और ऑटो करीब 2% टूटे। इसके अलावा एफएमसीजी और बैंकिंग सूचकांकों में भी 1% से अधिक की गिरावट रही।
53 लाख करोड़ रुपये का नुकसान
इस तेज गिरावट से निवेशकों को करीब 53 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ। बीएसई का कुल मार्केट कैप घटकर लगभग 466 लाख करोड़ रुपये रह गया।
इस बीच, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने फरवरी के पहले पखवाड़े में 10,956 करोड़ रुपये के आईटी शेयरों की बिक्री की। हालांकि इसी अवधि में कुल 29,709 करोड़ रुपये का निवेश भी आया, लेकिन आईटी सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों पर आगे भी बाजार की नजर बनी रहेगी।
Author: Deepak Mittal










Total Users : 8158216
Total views : 8180292