ठंड का मौसम शुरू होते ही दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। खासकर बुजुर्ग, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या पहले से हार्ट की समस्या वाले लोग ज्यादा प्रभावित होते हैं। ठंड में हार्ट पर दबाव बढ़ जाता है और छोटी-छोटी चेतावनी लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है।
हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षण
डॉक्टरों के अनुसार, इन संकेतों को गंभीरता से लेना चाहिए:
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छाती में दर्द या भारीपन, जो बाएं हाथ, कंधे या पीठ तक फैल सकता है
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सांस फूलना, हल्का चक्कर आना
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अत्यधिक थकान और पसीना आना
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कुछ लोगों में जबड़े या गर्दन में दर्द
ठंड में हार्ट अटैक बढ़ने के 4 मुख्य कारण
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नसों का सिकुड़ना: ठंड में नसें सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है और हार्ट पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
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ब्लड का गाढ़ा होना: शरीर का तापमान कम होने पर खून गाढ़ा हो जाता है, जिससे ब्लड क्लॉट बनने की संभावना बढ़ती है।
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ऑक्सीजन की कमी: हार्ट शरीर को गर्म रखने के लिए ज्यादा मेहनत करता है। कमजोर हार्ट वाले लोगों में इससे ऑक्सीजन की कमी हो सकती है।
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सजगता का अभाव: अचानक भारी काम या एक्सरसाइज करने से दिल पर दबाव पड़ता है और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
बचाव के आसान उपाय
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शरीर को गर्म रखें, अचानक ठंडे वातावरण में न जाएँ
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ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल नियमित रूप से जांचें
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बिना वॉर्म-अप के भारी व्यायाम या काम न करें
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धूम्रपान से बचें और हेल्दी डाइट अपनाएं
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छाती में दर्द, सांस फूलना या अत्यधिक थकान महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
सर्दियों में हार्ट अटैक को गंभीरता से लेना जीवन बचा सकता है। छोटी सावधानियाँ बड़ी सुरक्षा साबित हो सकती हैं।
Author: Deepak Mittal









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