छत्तीसगढ़ विधानसभा में उच्च शिक्षा विभाग की 1306 करोड़ से अधिक की अनुदान मांगें पारित

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रायपुर: Raipur में चल रहे Chhattisgarh Legislative Assembly के बजट सत्र में उच्च शिक्षा विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1306 करोड़ रुपये से अधिक की अनुदान मांगें पारित कर दी गईं। अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए उच्च शिक्षा मंत्री Tank Ram Verma ने कहा कि शिक्षा किसी भी राज्य के सामाजिक, आर्थिक और बौद्धिक विकास की आधारशिला है और सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण व रोजगारोन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराना है।

मंत्री वर्मा ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत कुल 37 योजनाएं संचालित की जा रही हैं। यह बजट प्रावधान उच्च शिक्षा के विस्तार, गुणवत्ता सुधार और अधोसंरचना विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।

उन्होंने कहा कि अनुसूचित जनजाति बहुल क्षेत्रों के लिए वर्ष 2025-26 में 230.36 करोड़ रुपये का प्रावधान था, जिसे बढ़ाकर 2026-27 में 249.61 करोड़ रुपये किया गया है। वहीं अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्रों के लिए 103.10 करोड़ रुपये के प्रावधान को बढ़ाकर 120.23 करोड़ रुपये किया गया है।

मंत्री ने बताया कि वर्ष 2024-25 में प्रदेश में महाविद्यालयों की संख्या 335 थी, जो 2025-26 में बढ़कर 343 हो गई है। इसी वर्ष 8 नए स्नातक महाविद्यालय स्थापित किए गए हैं, जिनमें संगीत, विधि और शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय भी शामिल हैं।

दूरस्थ क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की सुविधा बढ़ाने के लिए Manendragarh-Chirmiri-Bharatpur जिले के खड़गवा में बी.एड. (आईटीईपी) और Baloda Bazar-Bhatapara जिले के सुहेला में नए महाविद्यालय की स्थापना के लिए 1.30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही Sarguja University में नए विषय शुरू करने तथा Ramchandrapur और Gharghoda महाविद्यालयों को स्नातकोत्तर महाविद्यालय में उन्नत करने के लिए 1.40 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

मंत्री वर्मा ने बताया कि वर्ष 2026-27 में प्रदेश के 25 महाविद्यालयों के लिए नए भवन निर्माण का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा 6 महाविद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए 4.05 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। वहीं Tilda-Neora क्षेत्र के कोहका में ऑडिटोरियम, Bhanupratappur में छात्रावास और Dhamtari महाविद्यालय के छात्रावास में बाउंड्रीवाल निर्माण के लिए कुल 1.80 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधार के लिए 36 शासकीय महाविद्यालयों को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तहत चयनित महाविद्यालयों को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा।

मंत्री ने बताया कि राज्य में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तरीय गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ का गठन किया गया है और अब तक 200 शासकीय महाविद्यालयों व 5 राज्य विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन National Assessment and Accreditation Council द्वारा कराया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत 335 शासकीय, 321 अशासकीय महाविद्यालयों, 8 राजकीय विश्वविद्यालयों और 18 निजी विश्वविद्यालयों में बहुविषयक शिक्षा, मल्टी एंट्री-मल्टी एग्जिट प्रणाली और कौशल आधारित पाठ्यक्रम लागू किए गए हैं।

इसके अलावा PM-USHA के तहत 12 शासकीय महाविद्यालयों को प्रति महाविद्यालय 5 करोड़ रुपये तथा 3 विश्वविद्यालयों को प्रति विश्वविद्यालय 20 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। वहीं Shaheed Mahendra Karma University को MERU योजना के तहत 100 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है।

मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण, समतामूलक और रोजगारोन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराना है, जिससे उनके सर्वांगीण विकास के साथ राज्य के समग्र विकास को गति मिले।

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Author: Deepak Mittal

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