दरअसल, रेल नीर भारतीय रेलवे का अपना ब्रांड है, जो यात्रियों को ट्रेनों और स्टेशनों पर साफ और सुरक्षित पीने का पानी उपलब्ध कराता है। इसे आईआरसीटीसी (भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम) संचालित करता है। इसकी शुरुआत साल 2003 में इसलिए हुई थी क्योंकि उस समय स्टेशनों पर अक्सर घटिया क्वालिटी का पानी बिकता था। रेल नीर का मकसद यात्रियों को अच्छी गुणवत्ता और भरोसेमंद पैक्ड पानी देना है।
रेलवे बोर्ड के नए आदेश (सर्कुलर संख्या 18/2025) के मुताबिक अब रेल नीर और रेलवे द्वारा चुने गए अन्य पैक्ड पानी के ब्रांड पहले से सस्ते मिलेंगे। इस फैसले से यात्रियों को सीधा फायदा होगा, क्योंकि अब वे ट्रेन या स्टेशन पर कम दाम में पानी की बोतल खरीद पाएंगे। बोर्ड ने साफ किया है कि, यह नई कीमतें 22 सितंबर 2025 से पूरे देश में लागू होंगी। यानी इस तारीख के बाद ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में पानी की बोतलें नए कम रेट पर मिलेंगी।

रेलवे बोर्ड ने यह फैसला यात्रियों की सुविधा और खर्च का ध्यान रखते हुए लिया है। कई साल से रेल नीर की कीमत नहीं बदली थी। गर्मियों में यात्रियों के लिए पानी सबसे जरूरी होता है। अब बोतल के दाम कम होने से उन्हें सीधा फायदा मिलेगा। खासकर लंबी यात्राओं में, जहां बार-बार पानी लेना पड़ता है, यह फैसला यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।
दरअसल, रेलवे की पीएसयू आईआरसीटीस मुख्य रूप से चार तरह के कारोबार से पैसा कमाती है। इनमें खानपान , रेल नीर, इंटरनेट टिकटिंग और पर्यटन शामिल हैं। इनमें सबसे ज्यादा कमाई कपनी को पानी बेचकर होती है। कपनी ने वित्त वर्ष 2025 चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) के नतीजे मई 2025 जारी किए थे। इनमें ने पानी बेचकर मोटी कमाई की थी। इस तिमाही में कपनी को रेल नीर बेचकर 96 करोड़ की कमाई हुई थी।
कंपनी ने 30 जून, 2025 को खत्म हुई तिमाही के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी किये थे। कंपनी की कुल आय 11.8% बढ़कर 1,159.6 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल की समान तिमाही में 1,117.5 करोड़ रुपये थी। यह ग्रोथ खानपान, रेलनीर, इंटरनेट टिकटिंग और पर्यटन जैसे प्रमुख क्षेत्रों के योगदान से हुई थी। इंटरनेट टिकटिंग कंपनी का सबसे बड़ा आय स्रोत बना हुआ है।
Author: Deepak Mittal









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