रेल पर्यटन को नया आयाम देता “गर्वी गुजरात”

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(गौतम बाल बोंदरे ) देशवासियों को गौरवशाली ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत के दर्शन कराने एवं पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारतीय रेल के अधीन आने वाले इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) द्वारा देश में समय-समय पर भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेनों का संचालन किया जाता है। इसी कड़ी में आईआरसीटीसी द्वारा “गर्वी गुजरात” भारत गौरव डीलक्स एसी टूरिस्ट ट्रेन का संचालन किया जा रहा है। गर्वी गुजरात भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन 1 अक्टूबर, 2024 को दिल्ली से रवाना की जाएगी। यह ट्रेन पर्यटकों को गुजरात के प्रमुख आध्यात्मिक और विरासत स्थलों पर ले जाएगी। पहली बार इस ट्रेन के रूट में गुजरात के वडनगर को भी शामिल किया गया है।

“गर्वी गुजरात” भारत गौरव डीलक्स एसी टूरिस्ट ट्रेन कई अत्याधुनिक यात्री सुविधाओं से लैस है। इस ट्रेन में यात्रियों के खानपान के लिए दो डाइनिंग रेस्टोरेंट एवं एक आधुनिक रसोई। इसके कोचों में शॉवर क्यूबिकल, सेंसर-आधारित वॉशरूम फंक्शन और एक फुट मसाजर की भी सुविधा हैं। पूरी तरह से वातानुकूलित इस ट्रेन में फर्स्ट एसी, सेकंड एसी और थर्ड एसी की सुविधाएं उपलब्ध हैं। ट्रेन में हर कोच में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और सुरक्षा गार्ड की भी व्यवस्था है। इस ट्रेन की क्षमता 150 यात्रियों की है। पर्यटक इस टूरिस्ट ट्रेन में दिल्ली सफदरजंग, गुड़गांव, रेवाड़ी, रींगस, फुलेरा, अजमेर रेलवे स्टेशन पर चढ़ और उतर सकते हैं।

“गर्वी गुजरात” भारत गौरव डीलक्स एसी टूरिस्ट ट्रेन का पूरा सफर 10 दिनों का है। इस दौरान पर्यटक इस ट्रेन के माध्यम से सोमनाथ, नागेश्वर ज्योतिर्लिंग, द्वारकाधीश मंदिर और पावागढ़ में महाकाली मंदिर जैसे प्रसिद्ध मंदिरों के दर्शन कर सकेंगे। इसके अलावा यह पर्यटकों को ऐतिहासिक कीर्ति तोरण (वडनगर), मोढेरा सूर्य मंदिर, रानी की वाव और दीव किला जैसे विरासत स्थलों पर भी ले जाएगी।

दिल्ली से रवाना होने के बाद इस ट्रेन का पहला स्टॉपेज अहमदाबाद होगा, जहां पर्यटक 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर साबरमती आश्रम जा सकेंगे और अक्षरधाम मंदिर का दौरा कर सकेंगे। इसके बाद ट्रेन का अगला गंतव्य विश्व प्रसिद्ध मोढेरा सूर्य मंदिर, रानी की वाव और मोढेरा-पाटन में सहस्त्रलिंग तालाब होंगे। इसके बाद यह ट्रेन गुजरात के वडनगर पहुंचेगी, जहां पर्यटक हाटकेश्वर मंदिर, कीर्ति तोरण और शर्मिष्ठा झील जैसे दर्शनीय स्थलों दौरा कर सकेंगे, साथ ही प्रसिद्ध वडनगर रेलवे स्टेशन को भी देख सकेंगे। वडनगर के बाद ट्रेन का अगला गंतव्य वडोदरा होगा। पर्यटक वडोदरा से एक दिन के भ्रमण के दौरान पावागढ़ हिल्स में महाकाली मंदिर (शक्ति पीठ) और चंपानेर पावागढ़ पुरातत्व पार्क (यूनेस्को) का दौरा करेंगे।

इसके बाद ट्रेन केवडिया रेलवे स्टेशन जाएगी। केवड़िया सरदार वल्लभ भाई पटेल की दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के लिए प्रसिद्ध है। यहां पर्यटकों को लेजर शो भी दिखाया जाएगा। केवड़िया के बाद ट्रेन का अगला गंतव्य सोमनाथ होगा। ट्रेन वेरावल रेलवे स्टेशन पर पहुंचेगी और पर्यटक सोमनाथ मंदिर और सोमनाथ समुद्र तट पर जाएंगे। ट्रेन का अगला स्टॉपेज दीव होगा, जहां पर्यटक दीव किला, आईएनएस कुकरी और समुद्र तटों पर जाएंगे। ट्रेन का अंतिम स्टेशन द्वारका है, यहां यात्री द्वारकाधीश मंदिर, नागेश्वर ज्योतिर्लिंग और बेट द्वारका जा सकेंगे। यात्रा के 10वें दिन ट्रेन वापस दिल्ली लौट आएगी। इस पूरी यात्रा में पर्यटक लगभग 3,500 किलोमीटर का सफर करेंगे।

गौरतलब है कि भारतीय रेल द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने के मकसद से भारत गौरव पर्यटक ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया है। लगभग तीन वर्षों के दौरान देश भर में 24 राज्यों में 180 से अधिक भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेनों का संचालन किया जा चुका है और 80,000 से अधिक यात्री इनमें सफर कर चुके हैं। रेलवे द्वारा देश में विभिन्न रूट्स और सर्किट्स पर इन ट्रेनों का संचालन किया जाता है। इनमें से कुछ निम्न हैं –
• भारत-नेपाल मैत्री यात्रा
• श्री रामायण यात्रा
• चार धाम यात्रा
• बौद्ध सर्किट पर्यटक ट्रेन
• बाबा साहेब अंबेडकर यात्रा
• 7 ज्योतिर्लिंग यात्रा
• दिव्य दक्षिण दर्शन यात्रा
• पुरी-गंगासागर भव्य काशी यात्रा
• जैन यात्रा भारत गौरव पर्यटक ट्रेन
• पुरी-कोलकाता गंगासागर यात्रा

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Author: Deepak Mittal

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