नई दिल्ली: ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत पहली बार गणतंत्र दिवस परेड आयोजित करने जा रहा है, जिसमें भारतीय सशस्त्र बल अपनी आधुनिक सैन्य क्षमताओं और स्वदेशी हथियार प्रणालियों का भव्य प्रदर्शन करेंगे। इस वर्ष की परेड का मुख्य विषय ‘आत्मनिर्भर भारत’ होगा, जिसमें ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली, आकाश हथियार प्रणाली समेत कई अत्याधुनिक सैन्य साजो-सामान शामिल रहेंगे।
लंबी दूरी तक मार करने वाली सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस परेड का प्रमुख आकर्षण रहेगी। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी ठिकानों पर सटीक हमलों में अपनी क्षमता साबित कर चुकी ब्रह्मोस को लेकर मिसाइल प्रणाली के दल कमांडर कैप्टन अनिमेष रोहिला ने कहा कि यह मिसाइल अतिध्वनिक गति और अद्भुत सटीकता का ऐसा संयोजन है, जिसका दुश्मन की वायु रक्षा प्रणालियों के पास कोई प्रभावी जवाब नहीं है।
इसी तरह, स्वदेशी रूप से विकसित मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली आकाश भी परेड में प्रदर्शित की जाएगी। आकाश हथियार प्रणाली के दल कमांडर कैप्टन अनिकेत ओझा ने बताया कि यह प्रणाली हर तरह के भूभाग में प्रभावी है और दुश्मन के विमान, हेलीकॉप्टर, यूएवी, ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस प्रणाली ने कई लक्ष्यों को सफलतापूर्वक नष्ट कर अपनी विश्वसनीयता सिद्ध की है।
इसके अलावा, भारत का स्वदेशी तीसरी पीढ़ी का मुख्य युद्धक टैंक एमबीटी अर्जुन भी पहली बार कर्तव्य पथ पर शान से गुजरता नजर आएगा। एमबीटी अर्जुन टैंक दल के कमांडर मेजर हितेश मेहता ने बताया कि इस टैंक में कई नए क्षेत्रगत नवाचार शामिल किए गए हैं, जो ‘मेक इन इंडिया’ पहल की ताकत को दर्शाते हैं।
आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति को दर्शाते हुए नई शक्तिबान रेजिमेंट भी परेड में शामिल होगी, जो ड्रोन युद्ध पर केंद्रित है। रेजिमेंट के दल कमांडर लेफ्टिनेंट रमन मिश्रा ने कहा कि आधुनिक युद्ध में ड्रोन की भूमिका बेहद अहम हो गई है। वहीं, 7010 ईएमई बटालियन के कैप्टन डी मुखर्जी ने बताया कि ड्रोन बहु-क्षेत्रीय युद्ध का अनिवार्य हिस्सा बन चुके हैं और ऑपरेशनल सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
परेड के दौरान मीडियम रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल (MRSAM), सूर्यराष्ट्र रॉकेट सिस्टम और लॉन्ग रेंज एंटी-शिप हाइपरसोनिक मिसाइल (LR-AShM) का भी प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं, भारतीय वायु सेना गणतंत्र दिवस परेड 2026 के फ्लाईपास्ट में ‘सिंदूर’ फॉर्मेशन प्रस्तुत करेगी, जिसमें ऑपरेशन सिंदूर में शामिल राफेल, Su-30, MiG-29 और जगुआर लड़ाकू विमान आसमान में वायु शक्ति का प्रतीकात्मक प्रदर्शन करेंगे।
इसके साथ ही, भारतीय सशस्त्र बल ‘संयुक्तता से विजय’ थीम पर आधारित एक विशेष झांकी भी प्रस्तुत करेंगे, जिसमें पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के आतंकी ढांचे के खिलाफ किए गए सैन्य अभियानों में भारत की सफलता और तीनों सेनाओं के बेहतर समन्वय को दर्शाया जाएगा।
Author: Deepak Mittal










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