मुंबई: दुनियाभर में कैंसर के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इन्हीं में एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है पेट का कैंसर (स्टमक कैंसर)। यह बीमारी इसलिए ज्यादा खतरनाक मानी जाती है क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण सामान्य गैस, अपच या थकान जैसे लगते हैं। अधिकतर लोग इन्हें साधारण समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे बीमारी का पता तब चलता है जब यह उन्नत अवस्था में पहुंच चुकी होती है।
कैंसर से जुड़ी जानकारी देने वाली संस्था American Cancer Society के अनुसार, कुछ ऐसे संकेत हैं जिन्हें समय रहते पहचान लिया जाए तो उपचार संभव और प्रभावी हो सकता है।
1. बार-बार पेट फूलना
भारी या मसालेदार भोजन के बाद पेट फूलना आम बात है। लेकिन यदि थोड़ी-सी मात्रा में भोजन करने पर ही पेट भरा-भरा लगने लगे या लगभग रोजाना पेट में भारीपन और जकड़न महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
चिकित्सकीय विशेषज्ञों के अनुसार, पेट के कैंसर की शुरुआती अवस्था में भोजन को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया धीमी हो सकती है। आयुर्वेद के अनुसार, जब पाचन अग्नि कमजोर पड़ती है और भोजन सही तरह से नहीं पचता, तो अंदरूनी असंतुलन पैदा होता है। यदि खानपान में बदलाव के बावजूद पेट फूलने की समस्या बनी रहे, तो डॉक्टर से परामर्श जरूरी है।
2. लगातार थकान और कमजोरी
भागदौड़ भरी जिंदगी में थकान आम लग सकती है, लेकिन पर्याप्त आराम और नींद के बाद भी यदि शरीर में कमजोरी बनी रहे, तो सतर्क होना चाहिए।
विशेषज्ञों के मुताबिक, पेट के कैंसर में धीरे-धीरे आंतरिक रक्तस्राव (ब्लीडिंग) हो सकता है, जो बाहरी रूप से नजर नहीं आता। इससे शरीर में खून और आयरन की कमी हो सकती है। आयुर्वेद इसे शरीर की ऊर्जा में कमी का संकेत मानता है। यदि थकान के साथ चक्कर आना, त्वचा का पीला पड़ना या सांस फूलना जैसी समस्याएं भी हों, तो तुरंत जांच करवाना आवश्यक है।
3. अचानक वजन घटना और जल्दी पेट भरना
यदि सामान्य मात्रा में खाना शुरू करने के बावजूद कुछ कौर के बाद ही पेट भरने का अहसास होने लगे, तो यह चिंताजनक संकेत हो सकता है।
चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, कैंसर कोशिकाएं शरीर की ऊर्जा अधिक मात्रा में उपयोग करती हैं, जिससे वजन तेजी से कम हो सकता है। साथ ही, भोजन के मार्ग में आंशिक रुकावट भी जल्दी पेट भरने का कारण बन सकती है। आयुर्वेद इसे शरीर के संतुलन में गड़बड़ी का संकेत मानता है।
4. बार-बार मितली या उल्टी
कभी-कभार मितली आना सामान्य है, लेकिन यदि बिना स्पष्ट कारण रोजाना मितली महसूस हो या खाना खाते ही उल्टी आने लगे, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार, पेट की अंदरूनी परत में सूजन या जलन इसके पीछे कारण हो सकती है। लंबे समय तक यह समस्या बने रहना गंभीर बीमारी की ओर इशारा कर सकता है।
समय पर जांच है सबसे जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इन लक्षणों का मतलब हमेशा कैंसर नहीं होता, लेकिन यदि ये लगातार बने रहें या बढ़ते जाएं, तो डॉक्टर से परामर्श और जरूरी जांच कराना बेहद जरूरी है। शुरुआती चरण में पहचान होने पर इलाज की सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है।
Author: Deepak Mittal










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