अभिषेक अग्रवाल की पहल से भैंसबोड़ में शुद्ध पेयजल की सौगात, वन विभाग ने स्वास्थ्य और शिक्षा को दी नई मजबूती

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बालोद,,दल्लीराजहरा क्षेत्र में वन विभाग ने एक बार फिर जनहित में सराहनीय पहल करते हुए विकास का नया अध्याय जोड़ा है। 07 अप्रैल 2026 को वनमण्डल बालोद और वन प्रबंधन समिति भैंसबोड़ के संयुक्त प्रयास से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भैंसबोड़, पूर्व माध्यमिक शाला तथा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भैंसबोड़ में वाटर कूलर और वॉटर प्यूरीफायर का वितरण किया गया। इस पहल से न केवल मरीजों और विद्यार्थियों को शुद्ध एवं ठंडा पेयजल उपलब्ध होगा, बल्कि स्वास्थ्य सुरक्षा और स्वच्छता के स्तर में भी महत्वपूर्ण सुधार आएगा।


वनमण्डल अधिकारी अभिषेक अग्रवाल ने अपने विस्तृत संबोधन में कहा कि वन विभाग की भूमिका अब केवल जंगलों के संरक्षण तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि समाज के हर वर्ग तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना भी प्राथमिकता बन चुकी है। उन्होंने कहा कि “स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए स्वच्छ पेयजल सबसे महत्वपूर्ण आधार है।

खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लोग शुद्ध पानी की समस्या से जूझते हैं, ऐसे में यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम आगे बढ़कर इस दिशा में ठोस पहल करें। वन विभाग पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ अब जल संरक्षण और जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में भी निरंतर कार्य कर रहा है। आने वाले समय में और भी ऐसे प्रयास किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण अंचलों में जीवन स्तर बेहतर हो सके।


उन्होंने आगे कहा कि वन प्रबंधन समितियों के माध्यम से स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित कर विकास कार्यों को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। “जब गांव के लोग स्वयं इन योजनाओं से जुड़ते हैं, तो न केवल योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन होता है, बल्कि उनके संरक्षण और उपयोग में भी जिम्मेदारी बढ़ती है,” उन्होंने यह भी जोड़ा।


उपवन मंडल अधिकारी दल्ली राजहरा एम.सी. डाहिरे ने इस पहल को जनस्वास्थ्य के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराना समय की मांग है। वहीं उपवन मंडल अधिकारी बालोद किशोरी लाल साहू ने कहा कि वन प्रबंधन समितियों की भागीदारी से इस प्रकार के कार्य और अधिक प्रभावी बनते हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भी जिम्मेदारी और सहभागिता की भावना मजबूत होती है।


वन प्रबंधन समिति भैंसबोड़ के अध्यक्ष महेश निषाद ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पहल से गांव के बच्चों और मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा। सरपंच चित्रकांत ठाकुर ने भी इसे ग्राम विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया और भविष्य में भी इस तरह के सहयोग की अपेक्षा जताई।


कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, ग्रामवासी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। बच्चों के चेहरों पर शुद्ध पेयजल की सुविधा मिलने की खुशी साफ झलक रही थी, जो इस पहल की सार्थकता को दर्शाती है।


वन विभाग की यह पहल स्पष्ट संकेत देती है कि अब विकास का दायरा व्यापक हो रहा है—जहां वन संरक्षण के साथ-साथ जल, स्वास्थ्य और समाज के समग्र उत्थान की दिशा में भी ठोस और प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।

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Author: Deepak Mittal

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