खदान विवाद में पार्षद अमरजीत सिंह पर FIR दर्ज, मामला तूल पकड़ता जा रहा

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जे के मिश्र, जिला ब्यूरो चीफ, नवभारत टाइम्स,

कोरबा: कुसमुंडा खदान में कामकाज को लेकर उत्पन्न विवाद ने तूल पकड़ लिया है, और अब यह खदान भूविस्थापितों और कुछ लोगों के बीच राजनीति का अखाड़ा बन चुकी है। इस मामले में कुसमुंडा परियोजना के अधीन कार्यरत ठेका कंपनी नीलकंठ में काम करने वाले दो वाहन चालकों के बीच मारपीट हुई, जिसके बाद पार्षद अमरजीत सिंह पर भी ग्रामीणों के साथ मारपीट और धमकी देने का आरोप लगा है।

खैरभवना गांव के निवासी कृपाल सिंह कंवर ने कुसमुंडा थाने में पार्षद अमरजीत सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई है। कृपाल सिंह के अनुसार, 4 सितंबर की रात करीब 9 बजे वह कुसमुंडा खदान से होकर घर लौट रहा था, तभी उसे खदान के रास्ते में नीलकंठ कंपनी के कैंप के पास अमरजीत सिंह और कुछ अन्य लोग मिले। अमरजीत सिंह ने कृपाल को देखते ही गाली-गलौज करना शुरू कर दिया, और मना करने पर उसे और उसके नेता अशोक को जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद अमरजीत सिंह ने कृपाल के सिर पर हाथ-मुक्का मारकर हमला किया, जिससे कृपाल के सिर पर चोट आई और खून बहने लगा। जब मुनीराम पटेल ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो अमरजीत ने उन पर भी हमला किया।

कृपाल सिंह की शिकायत के आधार पर कुसमुंडा थाना में अमरजीत सिंह के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है।

खदान में वाहन चालकों की भी भिड़ंत
इस घटना के अगले ही दिन नीलकंठ कंपनी के दो वाहन चालकों के बीच भी मारपीट का मामला सामने आया। वाहन चालक गणेश दास ने पुलिस को दी गई रिपोर्ट में बताया कि उसकी ड्यूटी रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक थी। जब वह ड्यूटी के लिए जा रहा था, तब मिथलेश सिंह ने उसे और अन्य लोगों को जान से मारने की धमकी दी और हाथ-मुक्का से हमला किया। गणेश दास की शिकायत पर मिथलेश सिंह के खिलाफ भी पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।

इसी तरह, मिथलेश सिंह ने भी अपनी रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिसमें उसने आरोप लगाया कि जब वह पेट्रोल देने जा रहा था, तब गणेश दास और उसके साथी उसे देखकर गाली-गलौज करने लगे और डंडे और बेल्ट से हमला किया। इस घटना में मिथलेश को शरीर के कई हिस्सों में चोटें आईं। मिथलेश ने आरोप लगाया कि हमलावर उसे और उसके गांव वालों को जान से मारने की धमकी देते रहे। इस शिकायत के आधार पर गणेश दास, गोविंदा सारथी और अन्य लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज कर पुलिस जांच कर रही है।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद कुसमुंडा खदान में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है, और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस की सतर्कता बढ़ा दी गई है।

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Author: Deepak Mittal

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