दंतेवाड़ा से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। भाजपा विधायक चैतराम अटामी के निजी सहायक द्वारा महिला डॉक्टरों से अभद्र व्यवहार किए जाने के बाद, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने उन्हें उनके पद से हटा दिया है। आइए आपको विस्तार से बताते हैं कि यह मामला क्या है।
दंतेवाड़ा जिला अस्पताल में एक अप्रत्याशित घटना घटी जब भाजपा विधायक चैतराम अटामी के निजी सहायक, कमलेश कुमार नाग, और उनके साथी संतोष साहू ने महिला डॉक्टरों और नर्सों के साथ दुर्व्यवहार किया।
डॉक्टरों का आरोप है कि ये दोनों व्यक्तियों ने अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में हंगामा किया और गाली-गलौज के साथ डॉक्टरों को डराने-धमकाने की कोशिश की।
डॉक्टरों ने क्या कहा
“जब मैं एक मरीज का इलाज कर रही थी, तब ये लोग अचानक कक्ष में घुसे और मेरे साथ दुर्व्यवहार करने लगे। उन्होंने न सिर्फ गाली-गलौज की, बल्कि मेरे सहकर्मियों को भी धमकाया।

इस घटना के बाद, डॉक्टरों ने स्थानीय कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज करवाई, जिसमें कमलेश नाग और संतोष साहू पर गंभीर आरोप लगाए गए। डॉक्टरों का कहना है कि वे इस दुर्व्यवहार से बेहद आहत हैं और उन्होंने आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है।
इसके बाद, डॉक्टरों ने अस्पताल की ओपीडी सेवा बंद कर विरोध प्रदर्शन किया। उनकी मांग है कि जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक वे अपनी सेवा बंद रखेंगे। इस विरोध में महिला कांग्रेस और युवक कांग्रेस ने भी भाग लिया और विधायक चैतराम अटामी का पुतला जलाया।
कलेक्टर ने कहा हमने मामले को गंभीरता से लेते हुए विधायक के निजी सहायक को उनके पद से हटा दिया है और उन्हें उनके मूल कार्यालय भेज दिया है। हम मामले की आगे की जांच कर रहे हैं और दोषियों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।”
फिलहाल, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी की इस कार्रवाई के बाद, डॉक्टरों में थोड़ी राहत महसूस हो रही है, लेकिन वे तब तक संतुष्ट नहीं हैं जब तक कि आरोपियों को न्याय के कठघरे में खड़ा नहीं किया जाता।




















































Author: Deepak Mittal









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