लखनऊ: नोएडा में इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस घटना को सिस्टम की विफलता करार देते हुए कहा कि युवक की मौत के लिए पूरी तरह प्रशासनिक लापरवाही जिम्मेदार है।
लखनऊ में आईएएनएस से बातचीत के दौरान सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने कहा कि युवराज मेहता दो घंटे तक अपनी जान बचाने के लिए मदद की गुहार लगाता रहा, लेकिन उसे कोई सहायता नहीं मिली। उन्होंने कहा, “ऐसे सिस्टम के बारे में क्या कहा जाए, जहां एक युवक लगातार चिल्लाता रहा और तमाम विभाग मौके पर मौजूद होने के बावजूद उसे नहीं बचा पाए। यह पूरी तरह सिस्टम की लापरवाही है।”
वीरेंद्र सिंह ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक ओर सरकार ‘विकसित भारत’ की बात करती है, वहीं दूसरी ओर आज भी कई शहरों में नागरिकों को सीवर का गंदा पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने वाराणसी का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां आए दिन बदबूदार पानी की शिकायतें मिलती हैं। अगर सरकार सीवर और शुद्ध पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं कर सकती, तो ‘विकसित भारत’ के दावे खोखले हैं।
उन्होंने कहा कि नोएडा की घटना ने सिस्टम की संवेदनहीनता को उजागर कर दिया है। युवक दो घंटे तक मदद मांगता रहा, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। सपा सांसद ने मांग की कि इस मामले में नोएडा अथॉरिटी पर एफआईआर दर्ज होनी चाहिए और जो भी इस मौत के लिए जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
समाजवादी पार्टी की आगामी बैठक को लेकर वीरेंद्र सिंह ने बताया कि इसमें 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति और लोकसभा के बजट सत्र के दौरान सरकार को घेरने की योजना पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेता इस संबंध में दिशा-निर्देश देंगे।
एसआईआर को लेकर उन्होंने आरोप लगाया कि इसके जरिए चुनाव जीतने की असफल कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि बिहार में पहली बार होने के कारण लोग सजग नहीं थे, लेकिन उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी हर बूथ पर इस तरह की कोशिशों को नाकाम करेगी।
हरिद्वार में ‘अहिंदू प्रवेश निषेध क्षेत्र’ का बोर्ड लगाने के मुद्दे पर सपा सांसद ने कहा कि इस तरह की घटनाओं के कारण विदेशों में भी हिंदुओं को प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बांग्लादेश का हवाला देते हुए कहा कि वहां हिंदुओं के साथ भेदभाव हो रहा है और ऐसी मानसिकता के दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं।
मणिकर्णिका घाट के रिनोवेशन को लेकर उन्होंने कहा कि विकास कार्य होना चाहिए, लेकिन इसके नाम पर अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति का अनादर और महादेव के अस्तित्व से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा होता है तो जनता को आगे आकर आवाज उठानी चाहिए।
Author: Deepak Mittal










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