रायपुर। केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता के बाद माओवादी संगठन के कुख्यात कमांडर हिड़मा माडवी का सफाया कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह साबित करता है कि अब नक्सलवाद का अंत निश्चित है।
अग्रवाल ने बताया कि हिड़मा माडवी के साथ उसकी पत्नी राजे और पांच अन्य नक्सलियों की मौत हुई है। यह कार्रवाई न केवल सुरक्षा बलों की कुशल रणनीति का परिणाम है, बल्कि यह देश में आतंक और हिंसा के खिलाफ स्पष्ट संदेश भी है।
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद अपनी आखिरी सांसें गिन रहा है। बस्तर क्षेत्र में शांति बढ़ रही है, विकास की रफ्तार तेज हो रही है और जनता का विश्वास पहले से कहीं अधिक मजबूत हो गया है। सुरक्षा बलों के साहस और समर्पण को कोटि-कोटि नमन।”
हिड़मा माडवी 43 साल तक माओवादी संगठन का शीर्ष कमांडर रहा और आम नागरिकों व सुरक्षा बलों पर कम से कम 26 घातक हमलों में शामिल था। इसमें 2010 के दंतेवाड़ा हमले में 76 सीआरपीएफ जवानों की शहादत और 2017 के सुकमा हमले में 26 जवानों की हत्या शामिल है।
मुठभेड़ तेलंगाना-छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर हुई, जिसमें हिड़मा, उसकी पत्नी राजे और अन्य माओवादी सदस्य चेल्लूरी नारायण व टेक शंकर भी मारे गए। सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई से नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ा है।
Author: Deepak Mittal










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