बालोद, बीज उत्पादक किसान संगठन की आवश्यक बैठक माँ कर्मा भवन, झलमला में आयोजित की गई। बैठक का शुभारंभ छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इस दौरान जिले में बीज उत्पादन को बढ़ावा देने, किसानों की भागीदारी बढ़ाने तथा गुणवत्तापूर्ण बीज की सतत आपूर्ति सुनिश्चित करने सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर सकारात्मक चर्चा हुई।
बैठक में बीज उत्पादक किसानों से जुड़ी जिला स्तरीय समस्याओं, बीज उत्पादन कार्यक्रम की प्रगति तथा किसानों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। प्रदेश अध्यक्ष संजय चंद्राकर, जिला अध्यक्ष तीजूराम देवांगन, बीज प्रक्रिया केंद्र की बीज प्रबंधक माधुरी बाला सहित किसान पदाधिकारी, प्रगतिशील कृषक विनय मोहन चंद्राकर एवं बड़ी संख्या में बीज उत्पादक किसान उपस्थित रहे।

किसानों के हित में अनुदान बढ़ाने सहित विभिन्न मांगें
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष संजय चंद्राकर ने धान बीज उत्पादन से जुड़े किसानों के हित में विभिन्न मांगों को प्रमुखता से रखा। उन्होंने बीज उत्पादन अनुदान राशि 500 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने, अनुमानित कच्चे बीज की मात्रा 75 क्विंटल प्रति हेक्टेयर किए जाने तथा बीज उपार्जन के एक माह के भीतर अग्रिम राशि का भुगतान करने की मांग रखी।
उन्होंने बीज पास होने के एक माह के भीतर अंतिम भुगतान तथा बीज उपार्जन के लिए नया बारदाना समय पर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत और बीज उत्पादन कार्यक्रम की उपयोगिता को देखते हुए समयबद्ध भुगतान एवं आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता से किसानों का उत्साह और बढ़ेगा।
बीज पास होने पर भुगतान का निर्णय राहतकारी
प्रदेश अध्यक्ष चंद्राकर ने बताया कि संगठन द्वारा निगम एवं शासन के समक्ष लगातार किसानों की मांगें रखी जाती रही हैं। इसके सकारात्मक परिणामस्वरूप बीज पास होने पर भुगतान किए जाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने इसे बीज उत्पादक किसानों के लिए राहतकारी कदम बताते हुए शेष मांगों पर भी शीघ्र सकारात्मक निर्णय की उम्मीद जताई।
बीज उत्पादन में किसानों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर
बीज प्रक्रिया केंद्र की बीज प्रबंधक माधुरी बाला ने जिले में बीज उत्पादन कार्यक्रम में किसानों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष जिले में 917 हेक्टेयर क्षेत्र में बीज उत्पादन हुआ था, जबकि इस वर्ष यह क्षेत्र घटकर 423 हेक्टेयर रह गया है। उन्होंने किसानों से बीज उत्पादन कार्यक्रम से अधिक संख्या में जुड़ने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि जिले में किसानों की जरूरत के अनुरूप बीज की सतत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय स्तर पर बीज उत्पादन को मजबूत करना आवश्यक है। किसानों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने और बीज उत्पादन कार्यक्रम को गति देने पर भी बैठक में विशेष जोर दिया गया।
बीज उत्पादन से किसानों को लाभ और जिले को मिलेगी मजबूत बीज व्यवस्था
बैठक में इस बात पर विशेष जोर रहा कि जिले में बीज उत्पादन को बढ़ावा देने से किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले बीज की उपलब्धता सुनिश्चित होने के साथ स्थानीय स्तर पर बीज उत्पादन की मजबूत व्यवस्था विकसित होगी। किसानों, संगठन और विभाग के बीच बेहतर समन्वय से बीज उत्पादन कार्यक्रम को नई गति मिलने की उम्मीद जताई गई।
Author: Deepak Mittal










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