झूठे आरोपों में फंसे प्रतिष्ठित व्यापारी आशीष गुप्ता, व्यापारिक समाज में उबाल
“उल्टा चोर कोतवाल को डांटे” वाली कहावत हुई साबित
बालोद। जिले के सम्मानित, ईमानदार और वर्षों से विश्वसनीय टेंट व्यवसायी आशीष गुप्ता (पप्पू) को झूठे आरोपों में फंसाकर जेल भेजे जाने से पूरे बालोद जिले ही नहीं, बल्कि प्रदेश और आसपास के क्षेत्र के व्यापारिक समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है।
गुप्ता ने न चोरी की, न हत्या, न कोई संगीन अपराध—सिर्फ साधारण उधार-लेनदेन की व्यापारी प्रक्रिया के कारण उन्हें षड्यंत्रपूर्वक फंसाया गया है।
व्यापारिक समाज का आरोप – SC/ST एक्ट का दुरुपयोग
व्यापारिक सूत्रों का कहना है कि कुछ रंजिशन और स्वार्थी तत्वों ने आशीष गुप्ता पर SC/ST एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराकर उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल करने की कोशिश की है।
व्यापारियों ने इसे सीधा व्यापारिक शोषण बताया और कहा कि यह कदम न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि पूरे व्यवसायिक समाज में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा करने वाला है।
एसोसिएशन का रुख – दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई
बालोद टेंट एसोसिएशन ने इस पूरे मामले की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि यदि व्यापारियों को इस तरह झूठे मुकदमों में फंसाया जाता रहा तो कोई भी व्यापारी अब आगे उधार पर सामान देने का साहस नहीं करेगा। इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं और समाज पर पड़ेगा।
एसोसिएशन अध्यक्ष तरुण राठी ने कहा—
पिछले 10 दिनों से आशीष गुप्ता एसटी एससी एक्ट की धारा के अंतर्गत झूठे मामले में जेल के सलाखों के पीछे है जो पूरी तरह अनुचित है
“आशीष गुप्ता जैसे ईमानदार व्यापारी को झूठे केस में फंसाना पूरे व्यापारिक समाज पर कुठाराघात है। यदि निर्दोष व्यापारी को शीघ्र रिहा नहीं किया गया तो हम सभी व्यापारी आंदोलन करने बाध्य होंगे। हम दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग करते हैं।”
विवादित व्यापारी की सच्चाई भी उजागर
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, डौंडी के किराया भंडार व्यवसायी, जिन्होंने यह रिपोर्ट दर्ज कराई है, स्वयं पूर्व से विवादित रहे हैं।
खैरवाही ग्राम और डौंडी शहर में उनके ऊपर पहले से ही कई विवाद और प्रकरण दर्ज रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि ऐसे विवादित व्यक्तियों द्वारा झूठे मामले दर्ज कराना केवल षड्यंत्र है, ताकि सच्चे और प्रतिष्ठित व्यापारियों को दबाया जा सके।
व्यापारियों की चेतावनी – न्याय न मिलने पर होगा आंदोलन
पूरे व्यापारिक समाज ने साफ चेतावनी दी है कि यदि आशीष गुप्ता जैसे निर्दोष व्यापारी को न्याय नहीं मिला तो वे बड़े आंदोलन की राह पर उतरेंगे। साथ ही, झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने वालों की असलियत सामने लाकर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी मांग की गई है।
Author: Deepak Mittal










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