पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के चुनाव से पहले कोलकाता में राशन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है।
अधिकारियों के अनुसार, एजेंसी ने शहर के कई इलाकों में एक साथ छापेमारी शुरू की है। कोलकाता, बर्धवान और उत्तर 24 परगना के हाबरा में सप्लायरों और निर्यातकों से जुड़े 9 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया।
यह कार्रवाई उस जांच का हिस्सा है, जो राशन वितरण प्रणाली में कथित अनियमितताओं और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की गहराई से पड़ताल कर रही है। ईडी की टीमों ने अलग-अलग ठिकानों पर दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड खंगालने की प्रक्रिया शुरू की है।
इस मामले में ईडी ने पश्चिम बंगाल पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर के आधार पर अपनी जांच शुरू की। यह एफआईआर 23 अक्तूबर 2020 को बशीरहाट पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी। एफआईआर घोझाडांगा एलसीएस के सीमा शुल्क उपायुक्त की शिकायत पर दर्ज की गई थी।
इसमें आरोप लगाया गया था कि कल्याणकारी योजनाओं के लिए तय सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के गेहूं की बड़े पैमाने पर हेराफेरी की गई है।
Author: Deepak Mittal









