भिलाई।
छत्तीसगढ़ की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भिलाई स्थित निवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार सुबह छापा मारा, जब वे विधानसभा में अडानी मुद्दे को उठाने की तैयारी में थे।
ईडी की इस कार्रवाई के बीच बघेल ने एक साहसिक कदम उठाते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा –
“ED आ गई। आज विधानसभा का अंतिम दिन है और तमनार में अडानी के लिए पेड़ों की कटाई का मुद्दा उठाना था। ‘साहेब’ ने मेरे घर पर ईडी भेज दी है।”
बेटे के जन्मदिन पर फिर से ‘तोहफा’?
बघेल ने कहा कि पिछले साल उनके जन्मदिन पर उनके सलाहकार और OSD के घरों पर छापा पड़ा था, और इस बार उनके बेटे चैतन्य बघेल के जन्मदिन पर ईडी उनके घर पहुंच गई।
“मोदी और शाह अपने मालिक को खुश करने के लिए इस बार मेरे बेटे के जन्मदिन को भी नहीं छोड़ा।”
“भूपेश बघेल न झुकेगा, न डरेगा… आज विधानसभा में अडानी का मुद्दा जरूर उठेगा।”
12 ईडी अधिकारी, भारी फोर्स, और सियासी उबाल
बताया जा रहा है कि इस रेड में करीब 12 ईडी अधिकारी और CRPF के जवान शामिल थे। माहौल को देखते हुए प्रशासन ने जिलेभर से फोर्स बुला ली, ताकि स्थिति बेकाबू न हो।
इस छापे को शराब घोटाले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच बताया जा रहा है।
कांग्रेस का पलटवार – विपक्ष का गला घोंटने की साजिश
छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने सोशल मीडिया पर सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा –
“आज फिर डबल इंजन सरकार ने विपक्ष की आवाज को कुचलने का काम किया है। यह केवल भूपेश बघेल नहीं, लोकतंत्र पर हमला है।”
सवाल उठता है…
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क्या ये छापे महज़ जांच प्रक्रिया का हिस्सा हैं या फिर एक राजनीतिक हथियार?
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क्या विपक्ष की मुखर आवाज को डराने की कोशिश हो रही है?
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और क्या अब हर असहमति पर ईडी का छापा पड़ेगा?
Author: Deepak Mittal










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