रायगढ़, 3 सितम्बर 2025।
चक्रधर समारोह 2025 का मंच सोमवार की रात उस समय गूंज उठा जब दुर्ग की युवा कथक नृत्यांगना देविका दीक्षित ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति दी। लगभग चौबीस वर्षों की साधना से तराशी गई उनकी कला ने दर्शकों को परंपरा और आधुनिकता का अद्भुत संगम दिखाया। भाव, लय और ताल की उत्कृष्टता से सजी इस प्रस्तुति ने दर्शकों को क्षणभर के लिए सम्मोहित कर लिया।
देविका दीक्षित ने मात्र पाँच वर्ष की उम्र से कथक की यात्रा शुरू की थी। उन्हें गुरु श्रीमती उपासना तिवारी और आचार्य पंडित कृष्ण मोहन मिश्र से प्रशिक्षण प्राप्त हुआ। कथक में ‘कोविद’ और ‘विशारद’ उपाधियाँ हासिल करने वाली देविका को अब तक नेशनल नृत्य शिरोमणि पुरस्कार, श्रेष्ठ भारत सम्मान और गोपीकृष्ण नेशनल अवॉर्ड जैसे कई राष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं।
दिल्ली के कामानी ऑडिटोरियम से लेकर बनारस लिट फेस्ट तक उनकी प्रस्तुतियाँ दर्शकों का दिल जीत चुकी हैं। कला के साथ शिक्षा में भी देविका ने अपनी अलग पहचान बनाई है। लंदन यूनिवर्सिटी कॉलेज से अर्बन डिजाइन में स्नातकोत्तर उपाधि लेने के बाद वे इस समय आईआईएम, रायपुर से एमबीए की पढ़ाई कर रही हैं।
देविका दीक्षित ने अपनी प्रस्तुति से एक बार फिर साबित कर दिया कि जब परंपरा और नवाचार साथ चलते हैं, तो कला केवल नृत्य नहीं रहती, बल्कि एक अनुभव बन जाती है।
Author: Deepak Mittal








