दिल्ली में आफत की सर्दी: शीतलहर और ज़हरीली हवा का डबल अटैक, कांपा NCR

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Deepak Mittal

दिल्ली में आफत की सर्दी: शीतलहर और ज़हरीली हवा का डबल अटैक, कांपा NCR

3 साल में सबसे ठंडी सुबह, घना कोहरा और AQI 300 के पार—सेहत पर मंडरा रहा बड़ा खतरा

नई दिल्ली।
राजधानी दिल्ली इस वक्त कुदरत के दोहरे प्रहार से जूझ रही है। एक तरफ कंपकंपा देने वाली शीतलहर, तो दूसरी ओर ज़हरीला प्रदूषण—दोनों ने मिलकर जनजीवन मुश्किल कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी करते हुए रविवार और सोमवार के लिए शीतलहर की चेतावनी दी है।

आईएमडी के मुताबिक, तापमान में तेज गिरावट के चलते आने वाले दो दिन दिल्ली-एनसीआर के लिए और भी चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं।

3 साल की सबसे ठंडी सुबह, रिकॉर्ड टूटा

शनिवार को दिल्ली ने इस सर्दी की अब तक की सबसे ठंडी सुबह दर्ज की। सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो बीते तीन वर्षों में जनवरी का सबसे कम तापमान है। ठंड का असर दिन में भी बरकरार रहा और अधिकतम तापमान 19.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से नीचे है।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि सुबह के वक्त हल्के से घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी बेहद कम हो सकती है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने की आशंका है।

शीतलहर की स्थिति, कई इलाकों में तापमान 5 डिग्री से नीचे

आईएमडी के मानकों के अनुसार, जब न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री नीचे चला जाए, तो शीतलहर घोषित की जाती है।

  • पालम और आयानगर: 4.5°C

  • लोधी रोड: 4.7°C

  • रिज क्षेत्र: 5.3°C

अधिकतम तापमान भी कई इलाकों में बेहद कम रहा—पालम में 17.2°C, जबकि सफदरजंग और आयानगर में करीब 19°C रिकॉर्ड किया गया।

ठंड के साथ ज़हरीली हवा, सांस लेना भी मुश्किल

जैसे-जैसे ठंड बढ़ी, वैसे-वैसे हवा की गुणवत्ता भी बिगड़ती चली गई। रविवार सुबह 8 बजे दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 259 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है।
सबसे चिंताजनक हालात चांदनी चौक में रहे, जहां AQI 395 तक पहुंच गया—लगभग बेहद खतरनाक स्तर।

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक,

  • 27 मॉनिटरिंग स्टेशनों ने हवा को बहुत खराब

  • 11 स्टेशनों ने खराब श्रेणी में दर्ज किया

सेहत पर खतरा बढ़ा, अलर्ट रहने की सलाह

डॉक्टरों और विशेषज्ञों का कहना है कि शीतलहर और प्रदूषण का यह खतरनाक मेल बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। लोगों को सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने, मास्क पहनने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।

दिल्ली में फिलहाल सवाल यही है—
क्या आने वाले दिनों में ठंड और ज़हरीली हवा से मिलेगी राहत, या और बढ़ेगी लोगों की मुश्किल?

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Author: Deepak Mittal

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